प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने से गदगद हुए ग्राम प्रधान: प्रदेश अध्यक्ष के0के0 पांडे ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
प्रशासक हटने से गांवों के विकास को फिर मिलेगी तेज रफ्तार,सीएम के साथ मिलकर करेंगे काम-प्रदेश अध्यक्ष के0के0 पांडे
लखनऊ। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों के हक में बड़ा फैसला लेने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल से आभार जताया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं संगठन से जुड़े तमाम ग्राम प्रधानों व पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गांवों की तरक्की के लिए मुख्यमंत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते रहेंगे।
प्रशासक राज से थमे थे गांवों के विकास कार्य: संगठन से जुड़े कानपुर के दिनेश कुमार मिश्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा लखनऊ मंडल अध्यक्ष संपूर्णानन्द ने बताया कि साल 2021 में गांवों का कार्यकाल पूरा होने के बाद एडीओ (ADO) को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बना दिया गया था। इसके बाद से गांवों के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए थे। उन्होंने कहा कि गांव की गलियों, रास्तों और वहां की जमीनी समस्याओं की असली समझ सिर्फ एक चुने हुए ग्राम प्रधान को ही होती है न कि किसी बाहर से आए सरकारी प्रशासक को। प्रधान ही बेहतर जानता है कि उसके गांव की किस गली में कौन सा काम कितना जरूरी है।
संगठन की मुहिम लाई रंग: लखनऊ मंडल अध्यक्ष संपूर्णानन्द ने आगे बताया कि ग्राम प्रधानों की समस्याओं को लेकर पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पाण्डेय एवं दिनेश कुमार मिश्र राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
के नेतृत्व में बीती 22 अप्रैल को लखनऊ में एक विशाल बैठक बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बैठक और प्रधानों की मांग का संज्ञान लेते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से खुश होकर संगठन ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के प्रति धन्यवाद प्रकट किया है। उनका कहना है कि इस कदम से अब ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को एक बार फिर से तेज गति मिलेगी।
भवदीय: विजय कुमार मिश्र, राष्ट्रीय एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी ग्राम प्रधान संगठन,उत्तर प्रदेश। +91 9721613019

