मुख्यमंत्री योगी ने ₹138 करोड़ की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक रेल उपरिगामी सेतु का किया लोकार्पण
विरासत और विकास का बेहतरीन केंद्र बना उत्तर प्रदेश- मुख्यमंत्री योगी
गोरखपुर: 19 दिसंबर 2025
टुडे क्रांति संवाददाता गोरखपुर।
गोरखपुर: आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में ₹138 करोड़ की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक रेल उपरिगामी सेतु का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विरासत और विकास की सोच वाली डबल इंजन की सरकार आती है तो विकास भी उतनी ही तीव्र गति से आगे बढ़ता हुआ दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपरिगामी सेतु गोरखपुर से महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर तथा नेपाल आने-जाने वाले लोगों के लिए सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का सशक्त माध्यम बनेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साढ़े आठ साल पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। अब ऐसा नहीं है। उत्तर प्रदेश नई आभा से चमक रहा है। यहा प्रदेश विरासत और विकास का बेहतरीन केंद्र बन गया है। उत्तर प्रदेश की नई पहचान डबल इंजन की भाजपा सरकार ने बनाई है।गोरखनाथ के नए ओवरब्रिज को लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में आए बदलाव की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में क्या कुछ नहीं है। पूर्व की सरकारों में बंद खाद कारखाना आज चल रहा है। रात में खाद कारखाने की जगमग लाइट नए भारत के नर उत्तर प्रदेश के नए गोरखपुर का दर्शन कराती है। गोरखपुर एयरपोर्ट से आगे बढ़ते ही एम्स स्वागत करता है। गोरखपुर के जिस बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सपा सरकार ने बेचने का प्रयास किया था। वहीं एम्स में आज अत्याधुनिक सुविधाओं से लोगों को उपचार हो रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि जिस रामगढ़ताल को लेकर सांसद रविकिशन के ट्वीट पर सपा की तरफ से अभद्र टिप्पणी की गई थी,वह आज पर्यटन का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। जबकि सपा सरकार में रामगढ़ताल अपराध का केंद्र हुआ करता था, और यहां गंदगी का अंबार हुआ करती थी। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर कभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में माफिया,मच्छर का साम्राज्य हुआ करता था!अब वही माफिया,मच्छर और रोग से मुक्त हो चुका है। इंसेफ्लाइटिस की समस्या का समाधान कर दिया गया है। गोरखपुर में सड़कों की नई श्रृंखला खड़ी दिखाई देती है। पहले लखनऊ जाने के लिए वाया अयोध्या ही एक मार्ग था. अब लिंक एक्सप्रेसवे से भी लखनऊ जाने में काफी आसानी हो गई है। वाराणसी जाने के लिए पहले ट्लेन की सड़क थी, अब वह फोरलेन हो चुकी है।गोरखनाथ के नए ओवरब्रिज से फर्राटे भरते वाहन नजर आए। दूरी छह से आठ घंटे की बजाय ढाई से तीन घंटे में पूरी हो जा रही है। जबकि लखनऊ जाने में भी महज तीन से साढ़े तीन घंटे लग रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और सांसद रवि किशन शुक्ल ने रामगढ़ताल के मुद्दे पर सपा मुखिया को आड़े हाथ लिया भारत की दुनिया में धमक है, आज विश्व की कोई भी ताकत भारत को दबा नहीं सकती।
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