यूजीसी 2026 के विरोध में सवर्ण समाज का प्रदर्शन: मांग पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी!
महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य एवं प्रधान मंत्री भारत सरकार के नाम डीएम प्रतिनिधि एसडीएम शशांक शेखर राय को सौंपा संबोधित ज्ञापन
सिद्धार्थनगर 03 फरवरी 2026
जनपद सिद्धार्थनगर में प्रस्तावित यूजीसी एक्ट-2026 के नियमों के विरोध में मंगलवार को सवर्ण समाज का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। बीएसए ग्राउंड पर हजारों की संख्या में एकत्रित होकर सवर्ण समाज से जुड़े सभी प्रमुख संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, और पैदल मार्च निकालते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।बीएसए ग्राउंड से शुरू हुआ यह पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां पर “पूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा”, “समान अधिकार” और “सवर्ण समाज का उत्पीडन बंद करो” जैसे नारे गूंजते रहे। आज के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।
यूजीसी का विरोध कर रहे प्रदर्शन कर रहे तमाम संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य एवं प्रधान मंत्री भारत सरकार के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा! जिसे मौके पर मौजूद एसडीएम शशांक शेखर राय ने प्राप्त किया। ज्ञापन में संगठनों ने आरोप लगाया कि यूजीसी एक्ट-2026 के प्रस्तावित नियम शिक्षा व्यवस्था में असमानता को बढ़ावा देंगे और सवर्ण समाज के छात्रों के साथ अन्याय होगा। उनका कहना है कि यह कानून संविधान में निहित समानता के अधिकार की भावना के विपरीत है तथा समाज में जातीय भेदभाव को बढ़ावा देगा।
“न्याय एक संकल्प संस्थान” के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकृष्ण पांडे के आवाहन पर व्यापार मण्डल, सिविल बार एसोसिएशन अधिवक्ता संघ, सवर्ण आर्मी पार्टी,अखिल क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ ने भी समर्थन में विशाल धरना प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर अखंड प्रताप सिंह,भूप नारायण सिंह उर्फ राज सिंह (अखिल क्षत्रिय महासभा) सुधीर पांडे उर्फ फर्सा बाबा “अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा” आदि तमाम लोग मौजूद रहे।यूजीसी का विरोध कर रहे सभी संगठन से जुड़े लोगों ने कहा कि मुगलकाल और अंग्रेजों के खिलाफ सामान्य वर्ग ने देश की आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अब इसी समाज को शिक्षा और समान अवसरों से वंचित करने की साजिश की जा रही है, नीतियां जातियों के बजाय आर्थिक आधार पर बनाने की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी एक्ट-2026 को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन की पूरे उत्तर प्रदेश से लेकर देशभर में फैलाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।और जिला प्रशासन ने स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखी।
महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित दिए गए ज्ञापन में सभी प्रमुख संगठनों ने निम्न 07 बिंदुओं को संशोधन करने का मांग किया है।
1) UGC-2026 के नियमों की पुन: समीक्षा व आवश्यक संसोधन किये जाय।
2) जांच समितियों में जनरल कोटे के सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य हो।
3) फर्जी आरोप लगाने वाले के विरुद्ध कडे धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान नियमों में जोड़ा जाय।
4) भविष्य में कोई भी ऐसा नियम न बनाया जाय जिससे देश में जातीय संघर्ष एक जाति या एक वर्ग को समाज में बांटने का कार्य हो।
5) आरक्षण गरीबी के आधार पर हो जाति के आधार पर नहीं, जो गरीब हो उसे ही आरक्षण का लाभ मिले।
6) केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए SC-ST नियमों में 95% तक मुकदमें फर्जी होते हैं इसमें भी संसोधन करें।
7) यूजीसी 2026 के नियम को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए,जिससे सभी लोगों को समाज में समानता का अधिकार मिले।
यूजीसी विरोध प्रदर्शन के दौरान राम कृष्ण पांडे,अखंड प्रताप सिंह, विनोद कुमार दुबे,सुधीर पांडे उर्फ फरसा बाबा,पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कौशलेंद्र त्रिपेठी,प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्र, प्रधान संगठन अध्यक्ष राघवेंद्र उर्फ गंगा मिश्र, ठीकेदार संघ अध्यक्ष प्रेम शंकर पांडे, श्रीकांत मिश्र, बंसीधर पांडे, नीरज पांडे,कृष्ण पाल सिंह,राजन सिंह,प्रदीप सिंह,विवेक सिंह,राकेश दत्त,अखिलेश तिवारी, मुन्ना पांडे, आदित्य अग्रहरी,कप्तान सिंह, सूर्य प्रताप सिंह,जय प्रकाश सिंह,धर्मेंद्र सिंह,दिलीप त्रिपाठी आदि के अलावा भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

