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लखनऊ: गोमती पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ पर बोले सीएम योगी/ स्मार्ट फोन की जगह किताबें पढ़ें युवा तो जीवन में आएगा सुधार

लखनऊ: गोमती पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ पर बोले सीएम योगी / स्मार्ट फोन की जगह किताबें पढ़ें युवा तो जीवन में आएगा सुधार

लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव में बच्चों से बात करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ,ब्यूरो: राजकुमार मिश्रा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट मोबाइल फोन का अधिक उपयोग कर रहे युवाओं को उनका करियर संवारने के लिए महत्वपूर्ण बात की,उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय में चौथे गोमती पुस्तक महोत्सव शुभारंभ के दौरान युवाओं को स्मार्ट फोन के अधिक इस्तेमाल की जगह पुस्तकें पढ़कर ज्ञान अर्जित करने की सीख दी। कहा कि युवा पांच से छह घंटे स्मार्टफोन की जगह यदि पुस्तकों को दें तो उनके जीवन में सुधार आएगा। स्मार्ट फोन टेक्नोलोजी एक हद तक सहायक हो सकती है, लेकिन वह सब कुछ नहीं है। डिजिटल लाइब्रेरी के लिए स्मार्ट फोन को एक घंटा ही देना पर्याप्त है। शेष चार से पांच घंटे रचनात्मक और ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सबसे सही साथी अच्छी पुस्तकें हैं। पुस्तक केवल ज्ञानवर्धक ही नहीं संरक्षक भी होती है।

प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि लोग पढ़ते हैं तो राष्ट्र आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री के विचार “व्हेन सिटिजन रीड्स, कंट्री लीड्स” इसी संदेश का हिस्सा हैं। तक्षशिला विश्वविद्यालय, पाणिनी, सुश्रुत और ब्रह्मवेत्ताओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ना और बढ़ना ही भारतीय परंपरा है। भारत ने दुनिया को विश्वविद्यालय की श्रृंखला दी। तक्षशिला का नाम भगवान राम के भाई भरत के पुत्र तक्ष के नाम पर रखा गया था। तक्षशिला विश्वविद्यालय को आक्रांताओं ने समाप्त कर दिया। तक्षशिला विश्वविद्यालय आज के पाकिस्तान में है,पाकिस्तान को ज्ञान से क्या लेना-देना। अगले नौ दिनों तक लखनऊ विश्वविद्यालय में पुस्तकों के महाकुंभ को देखने का अवसर प्राप्त होगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय में 30 हजार छात्र हैं, उसमें 20 हजार छात्र पुस्तक ले जाएंगे, ऐसी मेरी आशा है। उन्होंने स्कूली छात्राओं और आंगनबाड़ी दीदियों को पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को ‘एग्जाम वारियर्स’ पुस्तक भेंट की, जिसे प्रधानमंत्री ने लिखा है। उन्होंने कहा कि बच्चे इस पुस्तक के सभी बिंदुओं का अध्ययन करें तो किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्त करना आसान हो जाएगा। महर्षि वाल्मीकि और तुलसीदास की मौलिक रचनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौलिक रचनाएं न केवल अमर होती हैं, बल्कि रचयिता को भी अमर बना देती हैं। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, नेशनल बुक ट्रस्ट के डायरेक्टर युवराज मलिक सहित कई साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

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