नई दिल्ली: 04 दिसम्बर 2025
लोकसभा में नियम 377 के तहत सांसद ने बढ़नी में भारत–नेपाल सीमा पर (ICP) इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट एवं पैसेंजर टर्मिनल स्थापना की माँग की
नई दिल्ली: आज लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत जगदम्बिका पाल, सांसद (डुमरियागंज) ने भारत–नेपाल सीमा के बढ़नी क्षेत्र (जिला सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश) में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) तथा पैसेंजर टर्मिनल की स्थापना का विषय अत्यंत जोरदार तरीके से उठाया।
सांसद पाल ने सदन में कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सरल बनाने तथा यात्रियों के सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित आवागमन के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बढ़नी रेलवे स्टेशन सीमा से लगभग सटा होने के कारण नेपाल तथा भारत के बीच यात्रियों, व्यापारिक गतिविधियों और कार्गो मूवमेंट में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में बढ़नी में पैदल-पार पथ, कस्टम/आव्रजन प्रक्रिया, बस स्टैंड, कार्गो परिसर और रेलवे स्टेशन अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा, भीड़ और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता है।
इसी संदर्भ में सांसद पाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बढ़नी सीमा पर ‘वन-नेशन, वन-टर्मिनल’ की अवधारणा पर आधारित एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट एवं पैसेंजर टर्मिनल स्थापित किया जाए, जिसमें—एकीकृत पैदल एवं बस टर्मिनल,आव्रजन व कस्टम कॉम्प्लेक्स, आधुनिक कार्गो- हैंडलिंग प्लाज़ा कम-शुल्क अंतरराष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र, पर्यटन सूचना केंद्र, विशेष रूप से बौद्ध सर्किट के संदर्भ में इन सभी सुविधाओं को एक ही परिसर में एक-दूसरे से सुगठित रूप से जोड़ा जाए।
सांसद पाल ने कहा कि ऐसे ICP के निर्माण से यात्री सीमा पार करते ही सीधे, सुरक्षित तथा निर्बाध रूप से कस्टम प्रक्रिया पूर्ण कर रेलवे स्टेशन तक पहुँच सकेंगे। साथ ही व्यापार, पर्यटन और कार्गो मूवमेंट को भी नई गति एवं सुरक्षा प्राप्त होगी।
सांसद पाल ने यह भी माँग किया कि बढ़नी से मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरों के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवाएँ शुरू की जाएँ, जिससे न केवल सीमा क्षेत्र के नागरिकों बल्कि नेपाल से आने-जाने वाले यात्रियों को भी देश के प्रमुख शहरों तक सीधी और सुविधाजनक कनेक्टिविटी प्राप्त हो सके।
सांसद जगदम्बिका पाल ने अंत में लोकसभा में सरकार से सदन में अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेते हुए बढ़नी को एक आधुनिक सुरक्षित तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित सीमा चौकी के रूप में विकसित किया जाए।

