वर्डपुर-पिपरहवा फोरलेन देगा पर्यटन विकास को नई रफ्तार: बौद्ध स्तूप और विश्वविद्यालय तक लोगों का आवागमन होगा सुगम
261 करोड़ से कराया जाएगा 9.4 किमी लंबे फोरलेन का निर्माण, 81 करोड़ से खरीदी जाएगी 14 गांवों की भूमि
40 से अधिक मकान, पेड़, बिजली के पोल हटेंगे: नार्थ साउथ कॉरिडोर के तहत बर्डपुर अलीगढ़वा मार्ग पर
सिद्धार्थनगर। नार्थ साउथ कॉरिडोर के तहत 261 करोड़ की लागत से 9.4 किमी लंबे वर्डपुर-पिपरहवा फोरलेन निर्माण के लिए संयुक्त टीम ने भूमि का सीमांकन का काम पूरा कर लिया है। सड़क किनारे भूमि अधिग्रहण के तहत जद में आने वाले मकान, पेड़, बिजली पोल और पाइपलाइन हटाने के लिए टीम ने चिह्नांकन भी कर लिया है।विभाग ने इस फोरलेन मार्ग के निर्माण के तहत चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली है। शासन की ओर से जारी पहली किस्त में आवंटित 87 करोड़ से किसानों से 10 हेक्टेयर भूमि खरीदने के बाद जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। निर्माण के बाद क्षेत्र के पर्यटन विकास को रफ्तार मिलेगी।
बर्डपुर-पिपरहवा फोरलेन निर्माण के तहत चौड़ीकरण के लिए सड़क किनारे के 14 गांवों के किसानों की भूमि खरीदी जानी है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी किसानों से सीधे भूमि की खरीद करेगा। इसके लिए राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी, ड्रेनेज खंड सिंचाई और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भूमि का सीमांकन कार्य किया है। इस बीच कुछ जगहों पर किसानों की ओर से आपत्ति की गई, जिसका निस्तारण करते हुए सीमांकन रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। सीमांकन के तहत वर्डपुर से अलीगढ़वा मार्ग पर एक से छह किमी तक दाएं तरफ ड्रेनेज खंड की नहर होने के कारण चौड़ीकरण के लिए सड़क की बाईं तरफ की 88 फुट भूमि का सीमांकन किया गया।वहीं छह से 9.4 किमी तक सड़क के दोनों तरफ की 44-44 फीट भूमि का सीमांकन किया गया। इसके तहत सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
बर्डपुर-अलीगढ़वा मार्ग फोरलेन के निर्माण से स्थानीय लोगों के साथ ही ऐतिहासिक बौद्ध स्थली कपिलवस्तु तक आवागमन में सुविधा होने से पर्यटकीय विकास होगा। नार्थ-साउथ कॉरिडोर निर्माण के तहत बर्डपुर-अलीगढ़वा मार्ग फोरलेन का निर्माण कार्य कराया जाना है। इसका सीमांकन हो गया है। इसके निर्माण के बाद स्थानीय लोगों के साथ ही ऐतिहासिक बौद्ध स्थली कपिलवस्तु तक बाहर से आने वाले पर्यटकों और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के छात्रों को भी आवागमन में सुविधा होगी। – शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी ने बताया कि जद में आने वाले 200 से अधिक किसानों की खाली भूमि के साथ बाग और 40 से अधिक मकान व दुकान का चिह्नांकन किया गया। जल्द ही पीडब्ल्यूडी इन किसानों को मुआवजा देते हुए राज्यपाल के नाम से भूमि रजिस्ट्री कराएगी। इसके बाद मकान आदि निर्माण व पेड़, बिजली पोल हटाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
फोरलेन के निर्माण से कपिलवस्तु-पिपरहवा में आने वाले पर्यटकों के साथ ही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के छात्रों को भी आवागमन में सुविधा होगी! फोरलेन के लिए स्वीकृत 261 करोड़ रुपये में 150 करोड़ से सड़क निर्माण कार्य होगा जबकि भूमि अधिग्रहण समेत अन्य पर 111 करोड़ खर्च होंगे। इसमें सड़क किनारे के 40 से अधिक मकानों के आंशिक या पूर्ण ध्वस्तीकरण पर 25 करोड़ रकम तय की गई है।सड़क किनारे के बिजली पोल स्थानांतरित करने, पेड़ों को हटाने और भूमि के नीचे बिछी जल निगम की पाइपलाइन को स्थानांतरित करने के लिए संबंधित विभागों को सात करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे।
सिद्धार्थनगर जनपद कपिलवस्तु के पिपरहवा में स्थित ऐतिहासिक बौद्ध स्तूपों पर प्रतिदिन स्थानीय और विदेशी पर्यटकों का आवागमन होता है। यहां प्रतिवर्ष श्रीलंका, जापान, मयनमार, थाईलैंड आदि देशों से हजारों पर्यटक आते हैं।अब केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से आवंटित संयुक्त धनराशि से ही बर्डपुर से अलीगढ़वा तक फोरलेन का निर्माण होगा, जिससे सड़क मार्ग से आवागमन सुविधा बेहतर होने के बाद यहां तेजी से पर्यटकीय और अन्य विकास होंगे। वहीं, यहां स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में प्रतिदिन शिक्षा ग्रहण करने आने वाले पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ ही सैकड़ों शिक्षक व कर्मचारियों का भी आवागमन के दौरान यात्रा सुगम हो सकेगा।
सीमांकन के तहत सड़क किनारे के 14 राजस्व ग्रामों में चौड़ीकरण में बर्डपुर में हाईवे से कनेक्ट होगा फोरलेन! विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थली कपिलवस्तु पिप्रहवा तक जाने वाला यह फोरलेन बर्डपुर में ककरहवा तक जाने एनएच-28 से जुड़ जाएगा। बता दें कि बस्ती, बांसी व शहर होते हुए बर्डपुर ककरहवा तक हाईवे का निर्माण होने से आवागमन की सुविधा दुरुस्त हो गई थी जबकि बर्डपुर-अलीगढ़वा मार्ग के क्षतिग्रस्त होकर जगह-जगह गड्ढे बन जाने से राहगीरों के साथ ही कपिलवस्तु पिपरहवा बौद्ध स्तूप जाने वालों और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं को इससे दुश्वारियां झेलनी पड़ रही थी। फोरलेन निर्माण से सड़क मार्ग से बौद्ध स्तूप तक विदेशी पर्यटकों के आवागमन सुगम होने के साथ ही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को भी सुविधा होगी। चार लेन में पड़ने वाले वाले मकान, दुकान, बिजली पोल और पेड़ आदि चिह्नित किए गए हैं।

