विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस पर जनजागरूकता रैली का आयोजन
कवच परियोजना के अन्तर्गत सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को मानव तस्करी के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना
शोहरतगढ सिद्धार्थनगर। विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस के अवसर पर गुरुवार को खुनुवां बाजार (बॉर्डर चेकपोस्ट) पर कवच परियोजना के अन्तर्गत मानव तस्करी के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम एवं रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को मानव तस्करी के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित प्रवासन एवं सतर्कता का सन्देश देना था।
इस अवसर पर 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, मिशन शक्ति थाना, सिद्धार्थनगर पुलिस तथा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान एवं मानव सेवा संस्थान के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता सम्बन्धी नारे लगाए और लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरन्त सम्बन्धित विभागों एवं हेल्पलाइन नम्बरों पर देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 के विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस की थीम “Trapped Behind the Scam” है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी नौकरी के झांसे के माध्यम से होने वाली मानव तस्करी के प्रति लोगों को सचेत करने पर केन्द्रित है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को मानव तस्करी से बचाव, सुरक्षित रोजगार, बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा तथा आपातकालीन हेल्पलाइन 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन),112 (आपातकालीन सेवा), 1090 (महिला हेल्पलाइन) एवं 1930 (साइबर हेल्पलाइन) की जानकारी दी गई। आयोजकों ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे मानव तस्करी जैसी गम्भीर सामाजिक बुराई के विरुद्ध जागरूक रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें तथा समाज को सुरक्षित एवं मानव तस्करी मुक्त बनाने में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल से सुमित कुमार, मिशन शक्ति प्रभारी थाना शोहरतगढ़ से राजकुमार यादव एवं कवच परियोजना से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अमन शर्मा, तेज नारायण, रूपा, सपना, पियर एजुकेटर गुंजन मोदनवाल तथा मानव सेवा संस्थान ‘सेवा’ से केन्द्र प्रभारी प्रमोद चौधरी, नीतू भारती, नेपाल पीआरसी संस्था से सुनीता के0सी0, ग्राम प्रधान संजय कुमार, सचमुच त्रिपाठी, आकाश कौशल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक बुद्धि सागर पाठक तथा विद्यालय से बच्चे आदि लोग मौजूद रहे।

