शारदीय नवरात्रि पर सवा तीन लाख दीपों के भव्य आभा से आलोकित हुआ गालापुर महाकाली मंदिर
भक्तिभाव से उमड़ा आस्था का जनसैलाब! प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद/रोशनी से जगमग हुआ हुआ पूरा मंदिर परिसर
डुमरियागंज सिद्धार्थनगर: शारदीय नवरात्रि पर शनिवार को गालापुर महाकाली मंदिर परिसर में दिव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ। धर्म रक्षा मंच के तत्वावधान में हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में सवा तीन लाख से अधिक स्वदेशी मिट्टी के दीप जलाकर मंदिर परिसर को भव्य आभा से आलोकित किया गया।
दीपोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ धर्म रक्षा मंच के मुख्य संरक्षक व पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने मां महाकाली की आरती कर पहला दीप जलाकर किया। इस मौके पर एसडीएम राजेश कुमार, तहसीलदार रविकुमार यादव, मंदिर व्यवस्थापक ठाकुर प्रसाद मिश्रा, विनोद बाबा सहित भारी श्रद्धालु मौजूद रहे।
इस वर्ष दीपोत्सव में लगभग सवा तीन लाख दीप प्रज्वलित किए गए। धर्म रक्षा मंच की ओर से सवा लाख दीप जलाए गए। जबकि श्रद्धालुओं ने दो लाख से अधिक दीपक जलाकर दीपदान किया। इनमें 2100 दीप गाय के गोबर से बने थे, वही महिलाओं द्वारा स्वयं कच्चे मिट्टी से 5100 दीपक बनाकर जलाया गया। मंदिर परिसर को रंगोलियों और धार्मिक प्रतीकों—स्वास्तिक, ओम, चरण पादुका व जय माता दी—से सजाया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस व चिकित्सकों की टीम हाई अलर्ट पर रही। प्रशासन की ओर से निशुल्क मेडिकल कैंप भी लगाया गया।
पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि दीपोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। श्रद्धालुओं ने जाति-पांत से ऊपर उठकर एक साथ दीपदान कर समाज में एकता का संदेश दिया,विधायक श्यामधनी राही ने दीपोत्सव को अंधकार पर प्रकाश की विजय बताते हुए इसकी आध्यात्मिक महत्ता पर बल दिया।
एसडीएम राजेश कुमार ने आयोजन को अद्भुत व अविस्मरणीय बताते हुए श्रद्धालुओं और समिति को बधाई दी,मंदिर व्यवस्थापक ठाकुर प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष दीपोत्सव में बीते वर्षों की तुलना में कहीं अधिक उत्साह देखने को मिला,देर रात तक श्रद्धालु पूजन और दीपदान करते रहे,गालापुर महाकाली मंदिर जनपद का पहला धार्मिक स्थल बन गया है, जहां नवरात्रि पर इतनी विशाल संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाते हैं।
इस दौरान लवकुश ओझा,डा दशरथ चौधरी, हरिशंकर सिंह, चंद्र प्रकाश उर्फ चंदू चौधरी, धर्मराज वर्मा,मधुसूदन अग्रहरि, दिलीप उर्फ छोटे पाण्डेय, लालजी शुक्ला,राजन अग्रहरि, शत्रुहन सोनी, बब्बू पाठक, रघुनंदन पाण्डेय, अजय अग्रहरि, प्रेम पाण्डेय,धर्मेश पाण्डेय, हरीश पाण्डेय,डम्पू पाण्डेय, अभिषेक, युवराज,हरी सिंह, पप्पू सिंह, बब्बू सिंह,संजीव सिंह आदि मौजूद रहें।

