संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर भारत और तुर्किए के बीच टकराव! भारत की स्थायी सीट को लेकर माहौल गर्म
UN महासचिव गुटेरेस ने माना! सुरक्षा परिषद की स्थाई सीट को लेकर “1947 वाली सोच” बदलनी होगी
विदेश मंत्री ने तुर्किए को बताई उसकी औकात! “दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले अपने मुद्दों पर ध्यान दे तुर्किए
UN में विदेश मंत्री ने तुर्किए को कहा दो टूक.”दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद के देश को देखो!
विदेश मंत्री ने यूएन महासभा के मंच से तुर्किए को उसी की पुरानी गलतियों का दिखाया आइना
संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच पर भारत और तुर्किए के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। एक तरफ थे भारत के सख्त और दमदार विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, तो दूसरी तरफ तुर्किए के प्रतिनिधि थे,
कश्मीर मुद्दे पर तुर्किए ने चाल चली और पाकिस्तान का समर्थन किया। यहां तक कि सऊदी अरब भी पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाता नजर आया। तुर्किए ने यहां तक कह दिया कि “भारत अभी वीटो पावर के लायक नहीं है।”लेकिन जयशंकर ने अपने भाषण के दौरान पूरी बाज़ी पलट दी!सिर्फ 2 दिनों में 12 देशों को भारत के पक्ष में खड़ा कर लिया! तुर्किए को उसी की पुरानी गलतियों का आइना दिखाया।अर्मेनियाई,ग्रीक और क्रिश्चियन नरसंहार का ज़िक्र कर सबको चुप करा दिया!UN महासचिव गुटेरेस ने भी कहा -“1947 वाली सोच बदलनी होगी। ”भारत की स्थायी सीट को लेकर माहौल और भी गर्म हो गया है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने यूएन महासभा में कहा दो टूक-“दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद के देश पर ध्यान देना चाहिए! भारत की कूटनीति का जलवा यूनाइटेड नेशन हॉल में पूरी तरह छाया रहा,अपने किए पर तुर्किए अब पूरी तरह खामोश है! विदेश मंत्री एस. जयशंकर की गूंजती हुई आवाज़ सबको याद दिला रही है! कि “दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले अपने मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
विदेश मंत्री यश जयशंकर ने यूनाइटेड नेशन महासभा में बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान यह ग्लोबल आतंकवादी देश है अभी हाल ही में पहलगाम में हुए पर्यटकों की गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी,भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को तबाह किया था। पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था। ऐसे देश को समर्थन करना कौन सी विदेश नीति का हिस्सा है।
सोशल मीडिया के सोर्स द्वारा प्राप्त समाचार संकलन…

