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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने दी चेतावनी!घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी होंगे जिम्मेदार

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने दी चेतावनी!घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी होंगे जिम्मेदार

सिद्धार्थनगर 04 नवम्बर 2026

सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डी0एच0एस0) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबधित योजनाओ की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा के दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा किया गया।उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं आशा के माध्यम से 70 वर्ष के उपर के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रगति लाकर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। सभी एमओआईसी सुनिश्चित कर ले कि डिलीवरी घर पर नहीं होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने सभी गर्भवती महिलाओ का प्रसव अस्पताल में ही हो। घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होगे। एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय करें जिससे कोई भी गर्भवती महिला व उसके परिजन सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकें। जननी सुरक्षा योजना में प्रगति कम पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लाभाार्थियों का पंजीकरण कर प्रोत्साहन धनराशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाएं एवं उनके परिवार के लोग सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकें। बीएचएनडी दिवस में कम एचआरपी वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका बेहतर इलाज कराये और सावधानियां बरतने का सलाह दें। बीएचएनडी दिवस में सभी लोग जाये। एएनएम, आशा व सीएचओ को सभी प्रकार किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बीएचएनडी दिवस में आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्री मिलकर कार्य करें। गर्भवती महिलाओं को पोषाहार व आवश्यक दवायें उपलब्ध कराये जिससे कम वजन वाले बच्चों के जन्म में कमी आये।

जिलाधिकारी ने समस्त एमओआईसी को निर्देश दिया कि काम न करने वाले सीएचओ/आशा/एएनएम को नोटिस निर्गत करें। जिलाधिकारी द्वारा जिन आशाओं द्वारा डिलीवरी कम करायी गयी है उनको चिन्हित करते हुये कार्यवाही करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एनबीएसयू/एसएनसीयू क्रियाशील रहे। टी0बी0 के संभावित मरीजों को चिन्हित करते हुये उनकी जांच कराकर आवश्यक दवायें उपलब्ध करायें तथा उनकी निगरानी करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आयुष्मान सेन्टर समय से खुले। आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर हाइपरटेंशन, सुगर आदि के मरीजों का चेकअप करायें तथा क्वालिटी चेकअप पर विशेष ध्यान दिया जाये। ई-संजीवनी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मरीजों को टेली मेडिसिन की सुविधा उपलब्ध करायें। ईसंजीवनी पोर्टल पर फीडिंग कराये। पीएचसी के सभी डॉक्टर के साथ बैठक करे।

जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि ओपीडी में प्रगति लायें। एचएमआईएस एवं आरसीएच पोर्टल पर सभी डाटा समय से व सही फीडिंग करायें। बारिस के मौसम में मलेरिया, डेंगू, इंसेफलाइटिस बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक रहता है जिसके लिए तेज बुखार वाले मरीजों को चिन्हित कर उनका सीएचसी/पीएचसी पर ले जाकर जांच/इलाज करायें। साफ-सफाई एवं एंटीलार्वा का छिड़काव करायें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के सम्बन्ध में समीक्षा की गयी।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा अनटाइड फन्ड, परिवार नियोजन, टीकाकरण अभियान, पी0सी0पी0एन0डी0टी0, रोगी कल्याण समिति, हेल्थ वेलनेस सेन्टर, आदि की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को परेशान न किया जाये बाहर की दवायें न लिखें। सभी विकास खण्डों में पब्लिक नोटिफिकेशन में लक्षण युक्त टी.बी. के मरीजो को चिन्हित करें।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वार रूम का निरीक्षण करे। इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर में मरीजो का डाटा अंकित करने का निर्देश दिया। इस बैठक में उपरोक्त के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजय कुमार दोहरे, व अन्य सम्बंधित अधिकारी, डैम, डी0सी0पी0एम0, समस्त एम0ओ0आईसी0, बैम,बीपीएम, बीसीपीएम, आदि उपस्थित थे।

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