डीएम ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान एनआईसीयू में भर्ती नवजात को लेकर दिए निर्देश: पूर्ण स्वस्थ होने तक नवजात को डिस्चार्ज न करें
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में बने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया।इस दौरान जिलाधिकारी ने इटवा क्षेत्र में मिली नवजात बच्ची,जिसे बाल कल्याण पुलिस अधिकारी ने को एसएनसीयू में भर्ती कराया है, उन्होंने देखा और संबंधित को निर्देश दिए कि उसके इलाज में किसी भी तरह की कोताही व लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि बच्ची के पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक अस्पताल से डिस्चार्ज न करें।
इसके साथ ही इमरजेंसी वार्ड को भी देखा गया, उन्होंने ड्यूटी चार्ट पर डॉक्टर का बार मोबाइल नंबर नहीं लिखा होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मोबाइल नंबर लिखवाने के निर्देश दिए। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. अयाज खान अनुपस्थित पाए गए, जिस डीएम ने एक दिन का वेतन रोकने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी लोग निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ.एके झा व अन्य उपस्थित रहे।
डीएम ने वन स्टॉप सेंटर के मैनेजर का मानदेय बाधित, मांगा स्पष्टीकरण माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के परिसर में स्थित वन स्टॉप सेंटर का जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय वन स्टॉप सेंटर पर पांच पीड़िताएं आवासित पाई गई।इसमें से चार अवयस्क थी। स्टाफ नर्स ने बताया कि कुल नौ पीड़िताएं वर्तमान में सेंटर पर आवासित है, जिसमें से चार पीड़िताएं मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल गई हुई हैं।

