मोहद्दीपुर चौराहे पर दिखेगी ‘प्रगति की उड़ान,चौराहे के मध्य स्थापित होगी स्टील से बने तीन फाइटर जेट विमान की कलाकृति
स्मार्ट सिटी परियोजना में चौराहों का होगा सुंदरीकरण,ज्ञान व भारतीय संस्कृति के प्रतीकों से सजेगा विश्वविद्यालय चौराहा
गोरखपुर : शहर के छह प्रमुख चौराहे जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएंगे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत 9.70 करोड़ की लागत से इन चौराहों का सुंदरीकरण किया जाएगा। इनमें यूनिवर्सिटी चौराहा, स्पोर्ट्स कालेज चौराहा, गुरुंग तिराहा, यातायात तिराहा, महाराणा प्रताप चौक शामिल हैं। वहीं मोहद्दीपुर चौराहा को भी नया रूप देने की तैयारी की जा रही है। इनमें से मोहद्दीपुर चौराहे को आधुनिक विकास की थीम पर संवारा जाएगा, जबकि विश्वविद्यालय चौराहा शिक्षा, ज्ञान और भारतीय संस्कृति के प्रतीकों से सजेगा। दोनों चौराहों के डिजाइन में आकर्षक कलाकृतियों के साथ हरियाली और प्रकाश व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा नगर निगम छात्रसंघ चौराहे को छात्र ज्योति स्तंभ के रूप में विकसित किया जाएगा। गुरुंग तिराहा शहीद गौतम गुरुंग को समर्पित होगा।मोहद्दीपुर चौराहे के सुंदरीकरण की थीम ‘विंग्स आफ प्रोग्रेस’ यानी प्रगति के पंख रखी गई है। चौराहे के मध्य स्टील से बने तीन फाइटर जेट विमान की कलाकृति स्थापित होगी।
मोहद्दीपुर चौराहा का प्रस्तावित डिजाइन: आसमान की ओर उड़ान भरते नजर आएंगे तीन विमान, जो शहर की विकास यात्रा और नई संभावनाओं का प्रतीक होंगे। इन्हें प्राकृतिक पत्थरों से बने प्लिंथ पर स्थापित किया जाएगा। आसपास लैंडस्केप प्लांटिंग के तहत घास और आकर्षक पौधे लगाए जाएंगे। रात में वार्म एलईडी लाइटिंग से चौराहा रोशन होगा। डिजाइन में 360 डिग्री विजिबिलिटी का ध्यान रखा गया है,जिससे चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों को कलाकृति स्पष्ट दिखाई दे। इस पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। वहीं, गोरखपुर विश्वविद्यालय चौराहे के केंद्र में मां सरस्वती की वीणा की कलाकृति स्थापित की जाएगी। इसके साथ खिला हुआ कमल और खुली किताब की संरचना होगी। डिजाइन शिक्षा, ज्ञान और कला के संदेश को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। रेड सैंडस्टोन, टेराकोटा और एंटीक ब्रांज फिनिश का इस्तेमाल किया जाएगा। वार्म लाइटिंग और हरियाली से चौराहे की सुंदरता बढ़ाई जाएगी।
मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा ने बताया कि शहर के चौराहों के सुंदरीकरण के क्रम में मोहद्दीपुर, विश्वविद्यालय और छात्रसंघ चौराहों के डिजाइन में स्थानीय पहचान, सौंदर्य और यातायात की दृश्यता को ध्यान में रखा गया है। उद्देश्य ऐसे आकर्षक और उपयोगी चौराहे विकसित करना है, जो शहर की आधुनिक छवि के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करें।

