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राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए आपदा प्रबंधन-मुख्यमंत्री योगी

राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए आपदा प्रबंधन-मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी ने किया उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के भवन का किया लोकार्पण

लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रबंधन राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए। यह हर नागरिक की दिनचर्या में शामिल होना चाहिए। इसके लिए सभी नागरिकों को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों को होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती में वरीयता दी जाएगी। साथ ही होमगार्ड को भी आपदा मित्र का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीक और अर्ली वार्निंग सिस्टम के उपयोग से जन व धन हानि को बचाया जा सकता है।

रविवार को मुख्यमंत्री ने गोमतीनगर में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। 200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन में 200 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। यहां अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।उन्होंने यूपीएसडीएमए की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया,कहा कि सभी 17 नगर निगम एसडीएमए के उपकेंद्र के रूप में आपदा प्रबंधन के कार्यक्रम को बढ़ाएं। लगभग पांच लाख की आबादी वाली 200 से अधिक नगर पालिका परिषद में भी पहुंचें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के प्रति पहले से ही सतर्कता बरतने की जरूरत है। तैयारी व जागरूकता जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर तक ला सकती है। इसलिए नियमित तौर पर जागरूकता के कार्यक्रम चलने चाहिए। आपदा को लेकर हमें स्वयं के प्रशिक्षण पर ध्यान देने के साथ साथ स्कूलों व कालेजों में विद्यार्थियों व शिक्षकों में जागरूकता लानी होगी। यह देश की बहुत बड़ी सेवा होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली गिरने से पहले ही हम लोगों को इसकी जानकारी दे दें तो उससे जनहानि से बचाव होगा।संभव है दो माह पहले फतेहपुर से लेकर प्रयागराज, कौशांबी, जौनपुर, आजमगढ़, सुलतानपुर व अंबेडकर नगर तक में 111 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदा से हुई थी।

मुख्यमंत्री ने यूपीएसडीएमए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन को लेकर अच्छे संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाएं। हर नागरिक को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए। जिला, तहसील, थाना, विकासखंड व नगरीय निकाय के स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। आपदा प्रबंधन के लिए तकनीक के जरिये रिमोंट सेंसिंग व मानिटरिंग की व्यवस्था, एआइ आधारित व्यवस्था, अर्ली वार्निंग सिस्टम, मोबाइल आधारित सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था करनी होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण करते। साथ में वित मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक राजेश्वर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा व अन्य लोगो की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन को लेकर उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल वाराणसी के मुख्य आरक्षी सुभाष चंद्र व आरक्षी शैलेंद्र कुमार, राज्य आपदा मोचन बल के टीम प्रभारी (निरीक्षक) लालचंद यादव, राज्य आपदा मोचन बल के प्लाटून कमांडर नर्वदेश्वर, 32वीं वाहिनी के मुख्य आरक्षी महेंद्र यादव व रामजग कुमार, अग्निशमन अधिकारी योगेंद्र प्रसाद चौरसिया व फायरमैन अशोक कुमार को सम्मानित किया

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले बहराइच में मगरमच्छ के हमले में 12 वर्ष के बच्चे के जान गंवाने की घटना पर दुख जताया था,और कहा कि मगरमच्छ जिन क्षेत्रों में रहते है, वहां के लोग यह भी जानते हैं कि यह जीव पूरे जीवन में चार-पांच किलोमीटर तकअवलोकन किया करते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान हमेशा वन्य जीवों के दायरे में ही रहता है।इस बात को समझते हुए वन्यजीव- जंतु से खिलवाड़ न करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में रखा है,वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश सुरेश खन्ना ने कहा कि अभी लखनऊ में हाल ही में एक इमारत में आग लगने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपने कार्यक्रम को कैंसिल कर स्वयं घटनस्थल पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री कार्यालय में स्टेट इमरजेंसी सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यूपीएसडीएमए के उपाध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) योगेंद्र डिमरी ने कहा कि राज्य में मौसम की सटीक जानकारी के लिए डाप्लर वेदर रडारों की स्थापना की जा रही है। राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू और राहत आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

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