सिद्धार्थनगर 14 अगस्त 2025
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रदर्शनी: विभाजन की तस्वीरों और दस्तावेजों का जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण द्वारा अवलोकन किया गया
सिद्धार्थनगर: भारत विभाजन दिनांक 14 अगस्त 1947 की स्मृति में आज विभाजन विभीषिका दिवस 14 अगस्त 2025 को मनाया जा रहा है। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप मनाये जाने के क्रम में विभाजन विभीषिका से संबधित अभिलेखो की चित्र प्रदर्शनी विकास भवन में लगायी गयी जिसका उद्घाटन सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, जिलाध्यक्ष भाजपा कन्हैया पासवान, जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। विकास भवन में विभाजन विभीषिका से संबधित अभिलेखो की चित्र प्रदर्शनी का सांसद डुमरियागंज के साथ अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण द्वारा अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से देश विभाजन के समय लोगो को जिन समस्याओ का सामना किया गया उसे दर्शाया गया है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ के निर्देश के क्रम में पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आज पूरा देश भारत को आजादी दिलाने में अपने प्राणो का बलिदान देने वाले वीर सपूतो को याद कर उन्हे श्रद्धाजलि अर्पित की जा रही है, आज ही के दिन हमारे देश का विभाजन हुआ था।
जिलाध्यक्ष भाजपा कन्हैया पासवान ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ था,उसके एक दिन पूर्व 14 अगस्त 1947 को देश का विभाजन हुआ जिसमें बहुत से लोगो ने अपनी जान दी। आज भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार विभाजन विभीषिका दिवस मनाया जा रहा है।
जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर0 ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार विभाजन विभीषिका दिवस का आयोजन किया गया है तिरंगा यात्रा निकाला गया। सभी लोग अपने घरों पर तिरंगा झण्डा लहराये और सेल्फी अपलोड करें।
इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस.पी.अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा लालजी त्रिपाठी, पीडी नगेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीसीमनरेगा सन्दीप सिंह, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज अग्रवाल,के अतिरिक्त जनप्रतिनिधिगण, विकास भवन के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित थे।

