विश्व जैव विविधता दिवस पर प्रभागीय वनाधिकारी ने लोगों को किया जागरुक
सिद्धार्थनगर। विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नीला एम. ने कहा कि जैव विविधता स्वस्थ प्रकृति और धरती पर पारिस्थितिकी तंत्र का मूल आधार है। प्रत्येक वर्ष 22 मई को विश्व जैव विविधता दिवस मनाकर पौधों, जीव-जंतुओं एवं सूक्ष्मजीवों की विविधता के संरक्षण तथा उसके महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता मानव। जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं जैसे भोजन, कपड़ा, औषधि और ईंधन की पूर्ति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है,यह पारिस्थिति की संतुलन बनाए रखने में सहायक होने के साथ बाढ़,सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से राहत प्रदान करने में भी मददगार है।
डीएफओ नीला एम. ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास करें। साथ ही विलुप्त हो रही जीव-जंतुओं एवं वनस्पतियों की प्रजातियों के संरक्षण, संवर्धन और विकास के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि प्रकृति का हर रंग, हर जीव और हर वनस्पति हमारी जैव विविधता की अमूल्य धरोहर है। जैव विविधता संरक्षण हम सभी का परम कर्तव्य है, तभी स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण संभव हो सकेगा।

