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पर्यटन का सुरक्षित केंद्र बनेगा शोहरतगढ़ में स्थित बाणगंगा बैराज

पर्यटन का सुरक्षित केंद्र बनेगा शोहरतगढ़ में स्थित बाणगंगा बैराज

सांसद जगदंबिका पाल व स्थानीय विधायक विनय वर्मा की पहल पर बाणगंगा बैराज के विकास की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी

सात करोड़ की लागत से बाणगंगा बैराज का होगा कायाकल्प, स्ट्रीट लाइट लगने के साथ बनेगा गेट और पाथवे

बाणगंगा बैराज पर आए दिन हादसों के कारण डेथ स्पॉट के रूप में पहचान बन गई थी

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में वानगंगा नदी पर स्थित बैराज अब पर्यटकों को अपनी ओर और आकर्षित करेगा। यहां लोग गर्मियों की शाम मौसम का लुत्फ उठा सकेंगे। वहीं उनको खतरा भी नहीं रहेगा। करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बैराज का कायाकल्प होगा। इसमें जीर्णोद्धार, सुंदरीकरण और पर्यटन विकास के काम के साथ सुरक्षा संबंधी काम कराए जाएंगे।परियोजना के तहत बैराज पर मुख्य प्रवेश द्वार, स्ट्रीट लाइट, इंटरलॉकिंग पाथवे, बाउंड्रीवॉल और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर कैनाल लाइनिंग, बोल्डर पिचिंग और रेलिंग का निर्माण भी कराए जाने की तैयारी है। इससे अब तक हादसों के कारण ‘डेथ स्पॉट’ के रूप में पहचान बना चुके वानगंगा बैराज को सुरक्षित पर्यटन और पिकनिक स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

नेपाल से निकलने वाली बानगंगा नदी पर स्थित यह बैराज क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल है। वर्ष 1956 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने बैराज और नहर परियोजना का उद्घाटन किया था,बैराज से निकलने वाली नहर से आसपास के कई गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। वहीं, प्राकृतिक सौंदर्य के कारण सुबह-शाम यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बैराज से झरने की तरह गिरता है पानी।शासन से बानगंगा बैराज के विकास कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, परियोजना के पूरा होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

पर्यटकों के बैठने और टहलने की भी होगी सुविधा: परियोजना के तहत पाथवे के किनारे बेंच लगाई जाएंगी और नदी तट पर सीढ़ियों का निर्माण भी होगा। इससे सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों को बैठकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने की सुविधा मिलेगी। स्ट्रीट लाइट लगने से देर शाम और भोर में भी लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और बैराज की खूबसूरती भी बढ़ेगी।कैनाल लाइनिंग, बोल्डर पिचिंग व रेलिंग का भी होगा निर्माण: दक्षिणी छोर पर झील जैसा दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां हर पूर्णिमा पर गंगा आरती का आयोजन भी होता है। सोशल मीडिया के दौर में यह स्थल युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रील और वीडियो बनाने पहुंचते हैं, जबकि कई भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग भी यहां हो चुकी है।

सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड के अनुसार सांसद जगदंबिका पाल और स्थानीय विधायक विनय वर्मा की पहल पर बैराज के विकास की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। शासन से सात करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।

वानगंगा वैराज पिछले कुछ वर्षों में लगातार हुए हादसों के कारण डेथ स्पॉट के रूप में भी चर्चित रहा है। गर्मी के दिनों में झरने जैसे बहते पानी का आकर्षण लोगों को यहां खींच लाता है लेकिन कई बार यह जानलेवा साबित हुआ है।मई 2025 में शोहरतगढ़ क्षेत्र के वानगंगा बैराज के पूर्वी हिस्से (शरुआ गांव के पास) में घूमते समय पैर फिसलने से कांशीराम आवास कॉलोनी के रहने वाले दो किशोरों नूर आलम और मोहम्मद अतीक की डूबने से मौत हो गई थी। होली के दिन 9 मार्च 2023 को तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई थी।मार्च 2024 में भी दो अलग-अलग घटनाओं में दो किशोरों की जान चली गई। इससे पहले 2022, 2019 और 2018 में भी कई लोग वैराज में डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। लगातार हुई इन घटनाओं के कारण लोग अपने बच्चों को यहां भेजने से भी कतराते हैं।

अधिशासी अभियंता, ड्रेनेज खंड कृपाशंकर भारती ने बताया कि परियोजना के तहत बैराज परिसर का पुनर्स्थापन, सुंदरीकरण और सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। इससे प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखते हुए इसे बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।श्रोत विज्ञप्ति।

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