सोलर पम्प लगाने के नाम पर हुई ₹61 हजार की साइबर ठगी: साइबर पुलिस ने वापस कराई पूरी रकम
सिद्धार्थनगर। जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की पूरी धनराशि वापस कराकर बड़ी सफलता हासिल की है। यूपीआई के माध्यम से सोलर पम्प लगाने के नाम पर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति के खाते में साइबर पुलिस ने ₹61,666 वापस कराए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी अपराध रोहिणी यादव के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर तिवारी एवं उनकी टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना खेसरहा क्षेत्र के पगार निवासी सकील अहमद के खाते से 16 अप्रैल 2026 को सोलर पम्प लगाने के नाम पर यूपीआई के जरिए ₹61,666 की धनराशि जमा करा ली गई थी। बाद में जब उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है, तो उन्होंने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से साइबर क्राइम थाना सिद्धार्थनगर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस टीम सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि लगातार तकनीकी कार्रवाई और बैंकिंग समन्वय के बाद शुक्रवार को पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस करा दी गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने साइबर पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया। इस सराहनीय कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर तिवारी, निरीक्षक दानिश आजम, मुख्य आरक्षी दिलीप कुमार द्विवेदी, आरक्षी रामप्रवेश यादव, आशुतोष जायसवाल, विशाल तिवारी तथा महिला आरक्षी प्रियंका शामिल रहीं। साइबर पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी निजी जानकारी, बैंक खाता संख्या, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतें।
पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर अपराध होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करने पर धनराशि वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही ऑनलाइन बैंकिंग के लिए सार्वजनिक वाईफाई का उपयोग न करने और अलग-अलग ऐप व वेबसाइट के लिए मजबूत पासवर्ड रखने की सलाह दी गई है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से जागरूक रहने और सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि “जानकारी और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

