देश की अखंडता के लिए खुद को तैयार करें युवा-मुख्यमंत्री योगी
निकाय प्रतिनिधियों ने सीएम से साझा किए विकास के संकल्प
संवाद के दौरान सीएम ने भी ली नवाचार और आय सृजन के प्रयासों की जानकारी
सीएम योगी ने जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों से किया संवाद कहा- भारत की एकता-अखंडता को सशक्त करेंगे युवा!
जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ युवाओ ने किया प्रतिभाग
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत सोमवार को अपने आवास पर मध्य प्रदेश,झारखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व ओडिशा के प्रतिभागियों से संवाद किया। 25 सितंबर से शुरू हुआ कार्यक्रम एक अक्तूबर तक चलेगा। सीएम ने युवाओं का स्वागत करते हुए अपील की कि आप सब देश की एकता और अखंडता के लिए अपने को तैयार करें।मुख्यमंत्री ने युवाओं को शारदीय नवरात्र और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पीएम के पंच प्रण की चर्चा की! और कहा कि यह विकसित भारत की आधारशिला बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना,अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवानों के प्रति हो सम्मान का भाव!
सीएम ने पीएम मोदी के पंच प्रण का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने के लिए सदैव तत्पर रहने वाली सेना, अर्ध सैनिक बल, पुलिस के जवानों और उस यूनिफॉर्म के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव होना चाहिए। नेशन फर्स्ट के अभियान के साथ हम सभी जुड़कर कार्य करेंगे। सामाजिक एकता का यह भाव हर भारतीय के मन में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से विधानसभा और मेट्रो का भ्रमण करने का आग्रह किया। साथ ही युवा कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि युवाओं को अयोध्या का भ्रमण भी कराएं।
इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच है, बल्कि देश की एकता, अखंडता और विविधता में निहित एकता की भावना को सशक्त करने का अवसर भी है। सीएम ने कहा कि आज लखनऊ में देश भर के लगभग 200 युवा इस अभियान का हिस्सा बन रहे हैं। इसके जरिए हमें पूरे देश को देखने, समझने और एक-दूसरे के साथ अपनी संस्कृति को साझा करने का अवसर भी प्राप्त होता है। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी उपस्थित थे।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को निकायों के जनप्रतिनिधियों के साथ विकसित यूपी 2047 पर संवाद किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने नगर में हुए बदलाव और विकास की कहानियां साझा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनप्रतिनिधियों से न केवल उनके प्रयासों को सुना बल्कि उनसे यह भी पूछा कि उन्होंने अपने नगरों में कौन से नवाचार अपनाए हैं और आय सृजन के लिए क्या नए माध्यम खोजे हैं। उन्होंने कहा कि यही प्रयास भविष्य के आत्मनिर्भर और आधुनिक उत्तर प्रदेश प्रदेश की नींव बनेंगे।
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से कर करेतर आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है!उनके लिए नगर निगम बेहतर व्यवस्था सुविधा मुहैया करा रहा है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना की चर्चा करते हुए सुझाव दिया कि अयोध्या नगर निगम महापौरों का सम्मेलन आयोजित करे ताकि यहां के विकास मॉडल की जानकारी सबको मिल सके।
फिरोजाबाद की महापौर कामिनी राठौर ने बताया कि नगर निगम की आय 18 करोड़ से बढ़कर 40 करोड़ वार्षिक हो गई है!झांसी के महापौर बिहारी लाल आर्य ने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में झांसी की राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान की उपलब्धि, ठोस व तरल अपशिष्ट निस्तारण के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि निगम की आय तीन वर्षों में 25 करोड़ से बढ़कर 80 करोड़ हो गई है और इसे 100 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी तरह प्रयागराज के महापौर, मोदीनगर और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद वैशाली जाटव ने स्थानीय आय वृद्धि और खाली भूमि के सदुपयोग पर सुझाव रखते हुए मार्गदर्शन मांगा। वहीं, मिर्जापुर के अध्यक्ष श्याम सुंदर ने बताया कि नगर पालिका की आय 5.89 करोड़ से बढ़कर 11 करोड़ हो गई है और यहां डिजिटल सेवाओं के साथ नागरिकों को मुफ्त वाई-फाई भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने माता विंध्यवासिनी धाम के पास मल्टीलेवल पार्किंग और यात्री विश्राम स्थल के निर्माण का सुझाव दिया।











