मनरेगा कार्यों के जांच रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने पर डीएम ने दिए प्रधान समेत तीन लोगों से वसूली के निर्देश
विकास खंड मिठवल की ग्राम पंचायत भरवटिया चैनपुर में जांच रिपोर्ट में मिली 61,880 रुपये की गड़बड़ी
सिद्धार्थनगर। विकास खंड मिठवल ग्राम पंचायत भरवटिया चैनपुर में मनरेगा कायों में अनियमितता की शिकायत सही पाई गई है। लोकपाल मनरेगा और जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की जांच में कुल 61,880 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। ऐसे में डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने एक-तिहाई यानी 20,627 रुपये ग्राम प्रधान महमूद से भू-राजस्व की भांति वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं। शेष राशि सचिव और तकनीकी सहायक से भी समान रूप से वसूली जाएगी।
ग्राम उसकी, पोस्ट तेलौरा निवासी शिशिर कुमार शुक्ल की शिकायत पर लोकपाल मनरेगा ने तीन इंटरलॉकिंग
ग्राम पंचायत भरवटिया चैनपुर विकासखंड मिठवल की सड़क श्रम परियोजनाओं की जांच की गई। 22 मई 2025 को लोकपाल की जांच आख्या में कार्यों में गुणवत्ता और मानक के विपरीत निर्माण के साथ वित्तीय अनियमितताएं दर्ज की गई।
पहली परियोजना में जांच रिपोर्ट के अनुसार, रहमतुल्ला के घर से अमीनुल्लाह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य 130 मीटर प्रस्तावित था। माप पुस्तिका में 127 मीटर दर्ज था जबकि मौके पर 133 मीटर लंबाई पाई गई। इस अंतर का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। टाइल्स की पैकिंग खराब होने से बीच-बीच में घास उग आई और कई टाइल्स टूटी मिली। इसमें 15,925 रुपये की अनियमितता पाई गई।
दूसरी परियोजना में रियाज के खेत से पुल तक इंटरलॉकिंग कार्य 145 मीटर प्रस्तावित था। माप पुस्तिका में 146 मीटर दर्ज था और मौके पर भी लगभग यही लंबाई मिली। लेकिन चोड़ाई कई स्थानों पर कम ज्यादा पाई गई, जो रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती। टाइल्स की पैकिंग खराब थी और कई टाइल्स टूटी मिलीं। एक स्थान पर 40 मिमी ओबीसी के स्थान पर ईंट की राबिस का उपयोग पाया गया। इस परियोजना में 27,352 रुपये की अनियमितता सामने आई।
तीसरी परियोजना में मुस्ताक के घर से नहर तक 100 मीटर इंटरलॉकिंग व बीच में नाली निर्माण प्रस्तावित था। माप पुस्तिका में 87.8 मीटर कार्य दर्शाया गया, जबकि मौके पर लंबाई में अंतर पाया गया। एक स्थान पर पहले से बनी एजिंग (लंबाई 12.10 मीटर, चौड़ाई 0.30 मीटर, ऊंचाई 0.45 मीटर) को माप पुस्तिका से घटाया नहीं गया। इस कार्य में 18,603 रुपये की अनियमितता पाई गई।
डीएम के अनुसार तीनों परियोजनाओं में कुल 61,880 रुपये की शासकीय क्षति आंकी गई। इसके बाद कार्यालय के पत्र संख्या-2437, दिनांक 19 जुलाई 2025 के माध्यम से जिला लेखा परीक्षा अधिकारी aसे रिपोर्ट मांगी गई,07 अगस्त 2025 को प्राप्त रिपोर्ट में कहा गया कि यह राशि ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से समान अनुपात में वसूल की जानी चाहिए।
इसी आधार पर 26 अगस्त 2025 को ग्राम प्रधान महमूद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, ग्राम प्रधान ने स्वयं कोई जवाब नहीं दिया। प्रशासन ने इसे पर्याप्त उत्तर नहीं माना और यह भी दर्ज किया कि नोटिस के बद करीब नौ माह तक प्रधान की ओर से स्वयं कोई जवाब न देना जांच रिपोर्ट की मौन स्वीकृति है। आखिर डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने उ0प्र0 पंचायतराज अधिनियम की धारा 27 तथा नियम 256/257 के तहत कुल 61,880 रुपये की वसूली का एक-तिहाई मनी 20,627 रुपये ग्राम प्रधान महमूद से भू-राजस्व की भांति वसूलने के आदेश जारी किए हैं।

