सिद्धार्थनगर, 28 अप्रैल 2026
डीएम ने प्राथमिक विद्यालय असनहरा का किया औचक निरीक्षण! प्रधानाध्यपक एवं शिक्षा मित्र दोनों मिले अनुपस्थित: एक दिन का वेतन काटने का दिया निर्देश
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान कुछ बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं मिलने एवं सहायक अध्यापक द्वारा अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर व्यक्त की कड़ी नाराजगी: एक दिन का वेतन काटने का दिया निर्देश
सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा विकास खंड मिठवल अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय असनहरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षिक एवं व्यवस्थागत स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कार्मिकों को कड़ी चेतावनी दी।निरीक्षण के समय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत काफी कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया कि अभिभावकों से संपर्क स्थापित कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता तभी बेहतर हो सकती है जब बच्चों की उपस्थिति नियमित और पूर्ण हो।
निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक गणेश कुमार मिश्रा एवं शिक्षा मित्र विजय प्रताप अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना सूचना अनुपस्थित रहना कदापि स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी पाया गया कि कुछ बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं आए थे तथा मिड डे मील योजना संचालित नहीं हो रही थी। इस संबंध में जब अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया तो सहायक अध्यापक विशाल कुमार श्रीवास्तव एवं ज्योत्सना तिवारी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि मिड डे मील योजना का संचालन नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाए ताकि बच्चों को पोषणयुक्त भोजन प्राप्त हो सके।
जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई तथा परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब मिली। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि शैक्षिक संस्थानों में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ करें, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके और शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र बच्चों तक पहुंच सके।

