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यूपी में जब तक पंचायत चुनाव नहीं होंगे,तब तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ही होंगे प्रशासक; CM योगी की मंजूरी से सस्पेंस खत्म

यूपी में जब तक पंचायत चुनाव नहीं होंगे,तब तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ही होंगे प्रशासक; CM योगी की मंजूरी से सस्पेंस खत्म

प्रदेश अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन कौशल किशोर पांडे एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी/प्रदेश मीडिया प्रभारी विजय कुमार मिश्रा के भगीरथ प्रयास से यूपी के ग्राम प्रधानों को सीएम योगी का तोहफा

कानपुर से News17 india संवाददाता दिनेश कुमार मिश्र कि रिपोर्ट:

लखनऊ: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधान को ही प्रशासक की ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी। सीएम योगी ने ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने का निर्णय लिया है। यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधान को ही प्रशासक की ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।अब पंचायती राज विभाग जल्द आदेश जारी करेगा। सभी 57694 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशासक के रूप में काम करने की इजाजत रहेगी। मंगलवार यानी 26 मई 2026 को ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। ऐसे में राज्य सरकार ने प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय लिया है।

यूपी पंचायत चुनाव के दृष्टिगत OBC आयोग के गठन की अधिसूचना जारी, तीन महीने में देगा आयोग रिपोर्ट: चूंकि ओबीसी आरक्षण को लेकर आयोग गठन में देरी के चलते पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पा रहे थे लिहाजा अब सरकार ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति का निर्णय ले रही है। ग्राम प्रधान संघ ने भी सरकार से उन्हें ही इस पद पर नियुक्त करने की मांग की थी। इससे पहले तक ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत को बतौर प्रशासक नियुक्त किया जाता था।

कब होंगे पंचायत चुनाव? आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाने की सबसे बड़ी वजह पिछड़ा वर्ग आयोग का समय पर गठन न हो पाना बताया जा रहा है। हालांकि सरकार ने 19 मई को समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके अलावा वोटर लिस्ट के नवीनीकरण का काम भी अभी चल ही रहा है। इस सब वजहों से चुनाव टलते देख अब सरकार प्रशासकों की नियुक्ति करने जा रही है।

ग्राम प्रधानों को राहत: पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के निर्णय से ग्राम प्रधानों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि अधिकारियों को प्रशासक पद पर नियुक्त किए जाने से ग्राम पंचायतों के काम प्रभावित होते है। ग्राम प्रधान ही प्रशासक होंगे तो फिर काम सुचारूपूर्वक चल सकेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि यूपी पंचायत चुनाव होने में अभी काफी वक्त लग जाएगा। हो सकता है कि आगामी 2027 यूपी विधानसभा चुनाव के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव हो पाएं।

रामऔतार सिंह की अगुवाई में बना है पांच सदस्यीय आयोग:
यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज न्यायामूर्ति राम औतार सिंह की अगुवाई में आयोग का गठन किया है। आयोग में चेयरमैन रामऔतार सिंह के अलावा रिटायर्ड दो एडीजे और दो आईएएस अफसर भी सदस्य रखे गए है। रिटायर्ड अपर जिला जज में बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा है जबकि रिटायर्ड आईएएस अफसर में अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह शामिल है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आयोग को छह महीने का कार्यकाल बढ़ा दिया है।

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