दिव्यांग क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगरा बनेगा अंतरराष्ट्रीय पैरा क्रिकेट का केंद्र,आईपीएल की तर्ज पर 6 टीमें लेंगी हिस्सा
10अगस्त से शुरू होगी रेडिएंट वर्ल्ड पैरा क्रिकेट लीग,नेपाल-यूएई के खिलाड़ी भी खेलेंगे! इनमें भारत के 22 राज्यों से चयनित किए गए हैं दिव्यांग खिलाड़ी
खुर्शीद आलमकी रिपोर्ट…
आगरा। दिव्यांग क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगरा में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैरा क्रिकेट लीग का आयोजन होने जा रहा है। दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया (डीसीसीबीआई) द्वारा रेडिएंट स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से रेडिएंट वर्ल्ड पैरा क्रिकेट लीग का आयोजन 10 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक जेबी क्रिकेट हब, बमरौली कटारा, फतेहाबाद रोड पर किया जाएगा। टूर्नामेंट का उद्घाटन 10 अगस्त सुबह 9 बजे और फाइनल मुकाबला व समापन समारोह 13 अगस्त दोपहर 2 बजे होगा। आयोजन आईपीएल की तर्ज पर होगा, जिसमें आधुनिक खेल प्रबंधन, रंगीन टीम जर्सियां, आकर्षक डगआउट, पेशेवर कमेंट्री और लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था की गई है। रेडिएंट स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के चेयरपर्सन ओशिम खेत्रपाल ने कहा कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है।
उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख उद्देश्य दिव्यांग क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय पहचान देना और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच उपलब्ध कराना है। प्रथम संस्करण में 6 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत के 22 राज्यों से चयनित दिव्यांग खिलाड़ियों के साथ श्रीलंका के 4, नेपाल के 6 और यूएई के 2 खिलाड़ी भी खेलेंगे, जिससे प्रतियोगिता और अधिक रोमांचक होगी।
आयोजन समिति का लक्ष्य है इसे हर साल होने वाला विश्वस्तरीय टूर्नामेंट बनाना है। अगले संस्करण में टीमों की संख्या 6 से बढ़ाकर 8 की जाएगी। आयोजन सचिव हारून रशीद ने बताया कि तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देश-विदेश से खिलाड़ी, अंपायर, रेफरी, कमेंटेटर और लाइव टेलीकास्ट टीम 9 अगस्त तक आगरा पहुंच जाएगी। खिलाड़ियों के आवास, परिवहन और मैदान की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वर्षा ऋतु को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। आयोजन समिति ने कहा कि यह लीग केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा और संघर्ष को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाने का अभियान है। इससे आगरा को भी अंतरराष्ट्रीय पैरा क्रिकेट की मेजबानी करने वाले प्रमुख शहरों में पहचान मिलेगी।

