राज्यसभा सांसद बृजलाल ने संभल दंगे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर साधा निशाना! तुष्टिकरण की पराकाष्ठा बेहद निंदनीय
24 नवंबर 2024 को मुस्लिमों द्वारा जो हिंसात्मक घटना को अंजाम दिया गया, उसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क की मुख्य भूमिका-पूर्व डीजीपी बृजलाल
संभल दंगे में सपा विधायक के पुत्र सोहेल इक़बाल का भी नाम! जो एक मुख्य साजिशकर्ता और दंगाई में शामिल- पूर्व डीजीपी बृजलाल
संभल के इतिहास में पहली बार हुआ,जब 123 दंगाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा,कोर्ट में उन मुकदमों पर तेज़ी से बिचारण हो रहा है-पूर्व डीजीपी बृजलाल
नई दिल्ली। पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने बताया कि 24 नवंबर 2024 को उत्तरप्रदेश के संभल में मुस्लिमों द्वारा हिंसात्मक घटनाएँ हुई जिसमें अब तक 123 दंगाइयों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है और पुलिस द्वारा दाखिल चार्ज-शीट पर न्यायालय द्वारा विचारण शुरू हो गया है। यह संबल के इतिहास में पहली बार हुआ है जब दंगाई गिरफ्तार हुए है और जेल में है और सजा होना संभावित है।
सम्बल का इतिहास- पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने बताया कि प्राचीन काल से संबल हिंदुओं का एक प्रसिद्ध मंदिर रहा है।यहाँ का प्रसिद्ध मंदिर भगवान हरि हर नाथ ( भगवान विष्णु जी) को समर्पित है। इसे भगवान कल्कि के नाम से भी जाना जाता है कि भगवान विष्णु यहाँ “कल्कि” अवतार के रूप में आयेंगे।इस प्राचीन मंदिर को बाबर ने 1526 में तोड़वा दिया था और मंदिर के मलबे से मस्जिद बनाया जो संबल का जामा मस्जिद कहलाता है।अब तक सम्बल में 16 दंगे हो चुके है जिसमे यह पहली बार है जब दंगाई गिरफ्तार होकर जेल में हैं और मुकदमा न्यायालय में विचारण में है।
पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद ने बताया कि 1947 में संबल कस्बे में 45% हिंदू और 55% मुसलमान थे। दंगों के कारण हिंदू इस कस्बे से पलायित हो गये और अब इनकी आबादी मात्र 15-20% ही बची है। संबल में 1978 का दंगा-होली के समय 29 मार्च 1978 को दंगे की शुरुआत हुई जिसमें 184 हिंदू मारे गए, सैकड़ों घायल हुये और संपत्तियां लूट ली गई।सम्बल एक व्यापारिक केंद्र था जहाँ का व्यापार मुख्यतः हिंदुओं के पास था।कस्बे के प्रसिद्ध व्यापारी बनवारी लाल गोयल की उनकी फैक्ट्री में ही नृशंस हत्या हुई जहाँ दर्जनों हिंदू प्राण रक्षा के लिए शरण लिए थे जो सभी मारे गए।
पूर्व डीजीपी ने यह भी बताया कि इसी तरह लाला राम शरण रस्तोगी की हत्या करके उनके प्रतिष्ठान के सामने कुएँ में फेंक दिया गया। मुकदमों में पुलिस द्वारा चार्ज-शीट लगाई गई और मुकदमें में निर्णय आने वाला था कि उसी समय 1993 दिसम्बर में मुलायम सिंह यादव दूसरी बार मुख्यमंत्री बने और 18 दिन बाद ही मुसलमानों के ख़िलाफ़ चल रहे मुकदमों को न्यायालय से वापस ले लिया।
पूर्व डीजीपी व राज्यसभा सांसद बृजलाल ने बताया कि 1978 के दंगे के बाद ही हिंदू अपने मकान, संपत्ति, मंदिर, ऐतिहासिक कुएँ,जमीन और बावड़ियाँ छोड़कर भाग गये। इसके बाद तो वहाँ पर शफ़ीकुर्रहमान बर्क की तूती बोलने लगी जो समाजवादी पार्टी के नेता और सांसद रहे।इनके और रामपुर के आज़म ख़ान के कारण ही सम्बल के मुकदमे वापस हुए और हिंदुओं की प्रताड़ना होती रही,24 नवम्बर 2024 के हिंसक घटनाओं में पहली बार तत्परता से 123 दंगाई गिरफ्तार हुए और उन पर तेज़ी से मुकदमों का बिचारण हो रहा है।
समाजवादी पार्टी के बिजली चोर सांसद पर कानून का शिकंजा: इस दंगे में संबल के समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क की मुख्य भूमिका निकल कर आई है। इस घटना में संबल के समाजवादी पार्टी के विधायक इक़बाल महमूद का पुत्र सोहेल इक़बाल भी मुख्य साजिशकर्ता और दंगाई है। इनके अलावा जामा मस्जिद इंतज़ामियाँ का सदर ज़फ़र अली, क़ासिम ज़माल एडवोकेट, महसूद अली फ़ारूक़ी एडवोकेट व सचिव इन्तज़ामियाँ और लड्डन ख़ान भी मुख्य दंगाई और साज़िशकर्ता हैं जिन पर मुकदमे चल रहे हैं।
एक शातिर अपराधी तारिक साटा फरार होकर दुबई में रह रहा है जिसने दंगाइयों को हथियार उपलब्ध कराये और फंडिंग की।यह शातिर वाहन चोर और तश्कर है हो दिल्ली और एनसीआर से हर साल 300-350 लक्ज़री गाड़ियों की चोरी करके नेपाल और अन्य देशों में बेच देता था और वहाँ से विदेशी हथियारों की तस्करी करके आतंकवादियों और अपराधियों को बेचता था! फ़रारी की हालत में उस पर भी मुक़दमा चल रहा है।
जाँच आयोग की रिपोर्ट- उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के चार दिन बाद ही 28-11-2024 को एक उच्चस्तरीय जाँच समिति बनाई जिसके अध्यक्ष जस्टिस रिटायर्ड इलाहाबाद हाई कोर्ट, सेवानिवृत आईएएस अमित मोहन प्रसाद, सेवानिवृत आईपीएस ए.के. जैन इसके जाँच समिति के सदस्य रहे। समिति ने अपनी जाँच शासन को सौप दी थी जिसको योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के पटल पर रख दिया जिसमें भी बिजली चोर सपा सांसद जियाउर्रहमान की मुख्य भूमिका रही है। सपा विधायक का पुत्र सोहेल इक़बाल भी एक मुख्य साजिशकर्ता और दंगाई है।सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने दलबल के साथ सम्भल जाकर अपने बिजली चोर सांसद के साथ मजबूती से खड़े रहे। तुष्टिकरण की पराकाष्ठा, निंदनीय है।
वंदे मातरम्। जय हरिहर नाथ जी।
बृजलाल आईपीएस,रिटायर्ड पूर्व डीजीपी यूपी,मेंबर ऑफ पार्लियामेंट राज्य सभा: Dated 06 August 2026.New Delhi…

