Fri. Sep 25th, 2026

जिला स्वास्थ्य समिति “डीएचएस” एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न

जिला स्वास्थ्य समिति “डीएचएस” एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न

जिलाधिकारी ने दिए निर्देश! सभी गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही हो,घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होंगे

News17 india.com निज संवाददाता

सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं आशा के माध्यम से 70 वर्ष से ऊपर के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रगति लाकर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने निर्देश दिया कि सभी एमओआईसी सुनिश्चित करें कि डिलीवरी घर पर न हो, सभी गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही हो। घर पर प्रसव होने पर एमओआईसी जिम्मेदार होंगे। एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय करें जिससे कोई भी गर्भवती महिला व उसके परिजन संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकें। जननी सुरक्षा योजना में प्रगति कम पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लाभार्थियों का पंजीकरण कर प्रोत्साहन धनराशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी एमओआईसी वार रूम का निरीक्षण करें, वार रूम सक्रिय रहे जिससे गर्भवती महिलाएं एवं उनके परिवार के लोग संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकें। बीएचएनडी दिवस में कम एचआरपी वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका बेहतर इलाज कराएं और सावधानियां बरतने की
सलाह दें। बीएचएनडी दिवस में सभी लोग जाएं। एएनएम, आशा व सीएचओ को सभी प्रकार की किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बीएचएनडी दिवस में आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्री मिलकर कार्य करें। गर्भवती महिलाओं को पोषाहार व आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएं जिससे कम वजन वाले बच्चों के जन्म में कमी आए।

डीएम ने समस्त एमओआईसी को निर्देश दिया कि काम न करने वाले सीएचओ,आशा एवं एएनएम को नोटिस निर्गत करें। जिन आशाओं द्वारा डिलीवरी कम कराई गई है उनको चिन्हित करते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एनबीएसयू एसएनसीयू क्रियाशील रहे। टीबी के संभावित मरीजों को चिन्हित करते हुए उनकी जांच कराकर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएं तथा उनकी निगरानी करें।उन्होंने निर्देश दिया कि आयुष्मान सेंटर समय से खुले। आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर हाइपरटेंशन, शुगर आदि के मरीजों का चेकअप कराएं तथा क्वालिटी चेकअप पर विशेष ध्यान दिया जाए। ई-संजीवनी के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मरीजों को टेली मेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराएं। ई-संजीवनी पोर्टल पर फीडिंग कराएं। पीएचसी के सभी डॉक्टरों के साथ बैठक करें। ओपीडी में प्रगति लाएं। एचएमआईएस एवं आरसीएच पोर्टल पर सभी डाटा समय से व सही फीडिंग कराएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश के मौसम में मलेरिया, डेंगू, इंसेफलाइटिस बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक रहता है, जिसके लिए तेज बुखार वाले मरीजों को चिन्हित कर उनका सीएचसी पीएचसी पर ले जाकर जांचध्इलाज कराएं। साफ-सफाई एवं एंटी लार्वा का छिड़काव कराएं। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के संबंध में भी समीक्षा की गई,जिलाधिकारी द्वारा अनटाइड फंड, परिवार नियोजन, टीकाकरण अभियान, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति, हेल्थ वेलनेस सेंटर आदि की समीक्षा की गई। सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को परेशान न किया जाए, बाहर की दवाएं न लिखें। सभी विकास खंडों में पब्लिक नोटिफिकेशन में लक्षणयुक्त टीबी के मरीजों को चिन्हित करें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को वार रूम का निरीक्षण करने तथा इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर में मरीजों का डाटा अंकित करने का निर्देश दिया। इस बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधि ाकारी डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सच्चिदानंद उपाध्याय व अन्य संबंधित अधिकारी, डीएएम, डीसीपीएम, समस्त एमओआईसी, बीएएम, बीपीएम, बीसीपीएम आदि उपस्थित थे।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *