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गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की भूमि के लिए वांसी तहसील क्षेत्र में पैमाइश करती टीम

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की भूमि के लिए वांसी तहसील क्षेत्र में पैमाइश करती टीम

गोरखपुर – शामली एक्सप्रेसवेः पहले राजस्व अभिलेखों से गाटों का होगा मिलान,एक्सप्रेसवे के लिए 26 गांवों में होगी पैमाइस

News17 india संवाददाता

सिद्धार्थनगर: शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। बांसी तहसील क्षेत्र के 26 गांवों में अधिसूचित गाटों की संयुक्त पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने तहसील प्रशासन को निर्धारित तिथियों पर राजस्व निरीक्षक और लेखपालों की मौजूदगी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।संयुक्त माप सर्वेक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम के साथ अधिग्रहण से प्रभावित भूमि का मौके पर मिलान किया जाएगा। यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि का राजस्व अभिलेखों में दर्ज विवरण और मौके की स्थिति का मिलान संयुक्त रूप से किया जाना है। इससे प्रभावित गाटों की वास्तविक स्थिति, सीमाओं और संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद भूमि अधिग्रहण की आगामी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के पत्र के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 की धारा ३ए के तहत भारत सरकार के राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित हो चुकी है।
इसके बाद धारा उबी के अंतर्गत गजट में अधिसूचित और प्रकाशित गाटों की संयुक्त माप सर्वेक्षण की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सर्वेक्षण के दौरान संबंधित गांवों के राजस्व निरीक्षक और लेखपाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहेंगे।

गोरखपुर – शामली एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से के के बीच संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। जिले में इसके लिए भूमि संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ने से निर्माण की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है। संयुक्त नापजोख के बाद अधिग्रहण से जुड़ी अगली कार्रवाई का रास्ता भी स्पष्ट होगा।

डा. ज्ञानप्रकाश, अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने बताया कि पैमाईस के दौरान संबंधित गांवों के राजस्व निरीक्षक और लेखपाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहेंगे।उन्होंने बताया कि पचमोहनी, कम्हरिया, बहादुरपुर, जमौहा, भावपुर, बरनवार, सौरमाफी, सुहईनपुरवा, मुड़िला हरदेन, छपिया, गजपुरवा, पड़िया बुजुर्ग गांवों में नापजोख हो चुकी हैं। महादेवा, कड़जा, बघलाखौर में अकटहवा,दुदही, नगवा, कुड़ारन, सोनवरचा में नापजोख का कार्य अभी होना है। अक्टूबर में सिरसिया तप्पा मजौरा में एक, पिपरा शुक्ल में पांच, भटोली तप्पा असनार में छह, बनकटा तप्पा कुढ़ारन में सात, भैंसरिया तप्पा कुड़ारन में आठ, बनकटा तप्पा मजौरा में नौ और परसा तप्पा मजौरा में 12 अक्टूबर को संयुक्त माप सर्वेक्षण होना है।

जिला प्रशासन प्रशासन के स्तर से भी प्रक्रिया की निगरानी,भूमि अधिग्रहण की इस कार्रवाई में राजस्व और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित गांवों में निर्धारित तिथियों पर राजस्व कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर जोर है, ताकि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की बाधा न आए। अपर जिलाधिकारी स्तर से भी संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में अभिलेखीय शुद्धता और प्रभावित भू-स्वामियों से जुड़ी कार्रवाई को नियमानुसार आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सोर्स विज्ञप्ति।

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