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कृषि विभाग के कर्मचारी को धमकाने पर खाद विक्रेता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज

कृषि विभाग के कर्मचारी को धमकाने पर खाद विक्रेता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज

News 17 india निज संवाददाता। मिश्रौलिया,सिद्धार्थनगर: उर्वरक फुटकर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आदर्श कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर थाना मिश्रौलिया में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर कृषि विभाग के कर्मचारियों के सरकारी कार्य में बाथा डालने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धमकाने का आरोप है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व उर्वरक विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आदर्श कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ मोबाइल फोन पर विभागीय तनाव को लेकर तल्ख बातचीत हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी बातचीत का एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि आदर्श कुमार श्रीवास्तव ने कृषि विभाग के एक कर्मचारी से फोन पर बातचीत के दौरान धमकी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय नें थाना मिश्रौलिया में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में खाद की कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। शासन की मंशा है कि बुवाई-सिंचाई के समय किसानों को उचित दर पर अनुदानित खाद-बीज सहजता से मिल सके।

उन्होंने कहा कि “कुछ बिचौलियों द्वारा विभागीय कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। एक कथित अध्यक्ष द्वारा मोबाइल फोन पर कर्मचारियों के कार्यों में बाधा डालते हुए अपमानित और धमकाने जैसा कृत्य किया गया है, जिसका मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में लाकर नियमानुसार कार्यवाही की गई है।” थाना प्रभारी निरीक्षक मिश्रौलिया ने बताया कि जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर अभियुक्त आदर्श कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रचलित की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

गौरतलब है कि बीते दिनों भारतीय किसान यूनियन और उर्वरक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आदर्श कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में पंचायत कर जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में ओवर रेटिंग, टैगिंग खत्म करने और किसानों के हितों का मुद्दा उठाया गया था। दोनों संगठनों का एक मंच पर आना चर्चा का विषय बना था, जिसके बाद यह विवाद सामने आया है।

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