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ठेकेदार की शिथिल रवैये से कई महीनों से अधर में है गजेहड़ी उर्फ मधवानगर सम्पर्क मार्ग का निर्माण

ठेकेदार की शिथिल रवैये से कई महीनों से अधर में है गजेहड़ी उर्फ मधवानगर सम्पर्क मार्ग का निर्माण

कागजों में’ अच्छे दिन’ और जमीन पर जानलेवा बने पत्थर और नुकीली गिट्टियां

बढ़नी सिद्धार्थनगर। अगर विकास के बड़े-बड़े दावों और शिलान्यास के बाद की जमीनी हकीकत देखनी हो तो विकास खण्ड बढ़नी के गजेहड़ी उर्फ मधवानगर सम्पर्क मार्ग का रुख कर लीजिए। जिस मार्ग के निर्माण को 20 साल बाद अच्छे दिन के रूप में देखा जा रहा था, वह आज विभागीय अनदेखी और कार्यदायी संस्था व ठेकेदार की कथित मनमानी के चलते ग्रामीणों के लिए भारी मुसीबत का सबब बन चुका है। बता दें कि क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा के अथक प्रयास से स्वीकृत हुए और उनके द्वारा किये गये भूमि पूजन के कई महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा होना तो दूर, मार्ग पर बिखरे मोटे पत्थर और नुकीली गिट्टियां राहगीरों का इम्तिहान ले रही हैं और ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य शुरू होने के नाम पर पहले ठेकेदार द्वारा सड़क की खुदाई कर महीनों काम ठप रखा गया। धूल और गड्डों से जूझ रहे लोगों ने जब आवाज उठाई, तो महज खानापूर्ति करते हुए पूरी सड़क पर बड़े-बड़े साइज के अनगढ़ पत्थर और नुकीले रोड़े गिराकर जस का तस छोड़ दिये गये। पिछले कई महीनों से सड़क पर रोलिंग और डामरीकरण का काम पूरी तरह बन्द पड़ा है। बगैर रोलिंग के बिखरे पड़े इन बड़े-बड़े पत्थरों के कारण यह पूरा सम्पर्क मार्ग अब एक खतरनाक ट्रैक में तब्दील हो चुका है। सड़क पर बिखरे पत्थरों के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ रही है। लोगों के दोपहिया वाहन अनियंत्रित होकर फिसल रहे हैं, जबकि ई-रिक्शा पलटने की आशंका बनी रहती है। साइकिल सवारों को पैदल चलकर रास्ता पार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक आये दिन राहगीरों और स्कूली बच्चों के इन नुकीले पत्थरों पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं और खतरा लगातार बना हुआ है, लेकिन ठेकेदार व कार्यदायी संस्था बेपरवाह बने हुए हैं।

बढ़नी समय माता स्थान से मधवानगर होते हुए बैरिहवा तक लगभग 3.1 किलोमीटर लम्बे इस सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ 46 लाख रुपये की भारी भरकम धनराशि स्वीकृत है। इसके बावजूद निर्माण की यह कछुआ चाल ठेकेदार की कार्यशैली और सम्बन्धित विभाग के लचर पर्यवेक्षण को साफ उजागर करती है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने अब डीएम सहित क्षेत्रीय विधायक से इस मामले में हस्तक्षेप कर लापरवाह ठेकेदार पर कार्रवाई करने तथा सड़क का डामरीकरण गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा कराने की मांग की है।

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