#दिल्ली: USA वीज़ा नियमों में बदलाव पर ,बोले राहुल गांधी ! भारत के पास कमजोर पीएम.
#दिल्ली: अमेरिका के वीज़ा नियमों में बदलाव पर राहुल गांधी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास एक कमजोर प्रधानमंत्री है, जो अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मज़बूती से अपनी बात नहीं रख पा रहे। यह बयान देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ रहा है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बेतुके बयान के अनुसार क्या? सचमुच हमारे प्रधानमंत्री कमजोर हैं, या यह सिर्फ़ राहुल गांधी और विपक्ष की सोची समझी राजनीति है? भारत ने पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी साख बनाई है। लेकिन राहुल गांधी के इस बयान से सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज़ होना तय है।
अमेरिका जैसे देश के साथ संबंध भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा हैं। वीज़ा नियमों में बदलाव का असर लाखों भारतीयों पर पड़ सकता है। ऐसे में राहुल गांधी का यह सवाल उठाना कहीं न कहीं आम लोगों से जुड़ा हुआ है। लेकिन तरीका और शब्दों की तल्ख़ी ने इसे विवाद का रूप दे दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी लगातार दावा करते हैं कि भारत आज विश्वगुरु बनने की राह पर है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि ज़मीनी स्तर पर भारत की स्थिति उतनी मज़बूत नहीं है जितना बताया जा रहा है। ऐसे में जनता के लिए यह समझना कठिन हो जाता है कि असली सच्चाई क्या है,राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम है, लेकिन जब बात अंतरराष्ट्रीय संबंधों की हो तो शब्दों का चुनाव और भी ज़िम्मेदारी से होना चाहिए।
राहुल गांधी का यह बयान विपक्ष की आवाज़ है, लेकिन क्या यह बयान भारत की छवि को चोट पहुँचाता है? यह सोचने वाली बात है। हमारे भारत देश के लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि यहाँ हर किसी को बोलने का अधिकार है। चाहे राहुल गांधी हों या प्रधानमंत्री मोदी, उनकी बातों का आकलन जनता करती है। असली मज़बूती इसी में है कि भारत हर परिस्थिति में एकजुट होकर आगे बढ़े।

