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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा “पुलिस स्मृति दिवस”राष्ट्रीय पुलिस स्मारक दिल्ली स्थिति शाहिद स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

दिनांक 21 अक्टूबर 2023 जनपद सिद्धार्थनगर

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा “पुलिस स्मृति दिवस”राष्ट्रीय पुलिस स्मारक दिल्ली स्थिति शाहिद स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

◆केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के उपलक्ष्य पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

◆किसी भी देश की आंतरिक या सीमाओं की सुरक्षा एक सजग पुलिस तंत्र के बिना संभव नहीं है।

◆पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन, 3 नए कानूनों और ICJS के माध्यम से Criminal Justice System में पारदर्शिता और स्पीड लाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सफल होंगे ।

◆आज भारत दुनिया में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, इसकी नींव में वीर शहीदों का बलिदान है और ये देश कभी उनके बलिदान को भुला नहीं सकेगा ।

आज दिनांक 21.10.2023 को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
भारत सरकार अमित शाह ने आज “पुलिस स्मृति दिवस” के उपलक्ष्य पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आज़ादी से अब तक देश की आंतरिक और सीमाओं की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले 36,250 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से कहा कि आज भारत दुनिया में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और इसकी नींव में शहीदों का बलिदान है और ये देश कभी उनके बलिदान को नहीं भुला सकेगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी देश की आंतरिक या सीमाओं की सुरक्षा एक सजग पुलिस तंत्र के बिना संभव नहीं है। देश की सेवा में लगे सभी कर्मियों में से सबसे कठिन ड्यूटी पुलिसकर्मियों की होती है, दिन हो या रात, सर्दी हो या गर्मी, त्यौहार हो या सामान्य दिन, पुलिसकर्मी को अपने परिवार के साथ त्यौहार मनाने का मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि देश की लंबी भू-सीमा पर जीवन के स्वर्णिम वर्ष अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में बिताने और वीरता, शौर्य और बलिदान देकर देश को सुरक्षित रखने का काम हमारे सभी पुलिसबल करते हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चाहे आतंकवादियों से मुकाबला करना हो या अपराध रोकना हो, भीड़ के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना हो अथवा आपदाओं औऱ दुर्घटनाओं के समय आम नागरिकों की सुरक्षा करनी हो या कोरोनाकाल जैसे कठिन समय के दौरान पहली पंक्ति में रहकर नागरिकों की सेवा करना हो, हमारे पुलिसकर्मियों ने हर मौके पर अपने आप को साबित किया है। 01 सितंबर, 2022 से 31 अगस्त, 2023 तक पिछले 1 साल में 188 पुलिसकर्मियों ने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ड्यूटी के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में हमारे बहादुर पुलिस कर्मियों के कारण आतंकवाद, उग्रवादी हमलों, नक्सलवाद औऱ नस्लीय हिंसा में इसके सर्वोच्च स्तर से 65 प्रतिशत की कमी आई है। यह पुलिस स्मारक एक प्रतीक मात्र नहीं है बल्कि ये हमारे पुलिस कर्मियों के बलिदान, त्याग और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण की पहचान है।

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