जीएसटी सुधार के फायदे बताने सीएम योगी ने हजरतगंज में व्यापारियों और ग्राहकों से संवाद किया
सीएम योगी ने कहा,उत्पादों की बढ़ेगी खपत,बनेंगे रोजगार के नए अवसर
33 जीवन रक्षक दवाओं को जीएसटी से पूरी तरह मिली छूट
07 लाख करोड़ से 22 लाख करोड़ पहुंचा देश का जीएसटी कलेक्शन
व्यापारियों ने चिकनकारी वाले समान पर टैक्स में राहत के लिए सीएम से की अपील
जीएसटी रिफॉर्म से महंगाई में राहत देने की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ, संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को ‘नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म’ के फायदे बताने के लिए लखनऊ के हजरतगंज बाजार पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से मुलाकात कर उन्हें जीएसटी में किए गए बदलावों और उससे होने वाले लाभ के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सल बुकसेलर के पास पत्रकार वार्ता में कहा कि जीएसटी की दरें घटने से आम उपभोक्ता, व्यापारी व उद्यमी सभी वर्गों को बड़ा लाभ मिल रहा है। इस सुधार ने जहां उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं बाजार की मजबूती और रोजगार सृजन का मार्ग भी प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य होने से जीएसटी रिफॉर्म का सबसे अधिक लाभ यूपी के व्यापारियों और ग्राहकों को होगा। इससे जीवन रक्षक 33 दवाओं को जीएसटी से पूरी तरह छूट मिल गई है।
सीएम योगी ने बताया कि त्योहारी सीजन में उठाया गया यह बड़ा कदम है,विद्यार्थियों के लिए नोटबुक, पेंसिल व अन्य शैक्षणिक सामग्री पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है। इसी तरह ज्यादातर घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्रियों को जीरो या 5% के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि बाजार में खपत बढ़ने से उत्पादन में वृद्धि हुई है। इससे व्यापारी व उद्यमी दोनों को लाभ हुआ है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। त्योहारी सीजन में यह बड़ा कदम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी,बुधवार को हजरतगंज में नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफार्म के बारे में जागरुक करने के लिए एक दुकान पर खुद स्टिकर लगाया,उनके साथ में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल व अन्य लोग मौजूद रहे। चिकनकारी हैंडीक्रॉफ्ट एसोसिएशन से जुड़े
कारोबारियों ने सीएम योगी से मुलाकात कर लखनवी चिकनकारी कपड़ों पर एक समान 5% जीएसटी दर लागू करने की मांग की है। योगी ने कारोबारियों को इस संबंध में राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मिलकर समस्या का समाधान कराने का सुझाव दिया,उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश में 7 लाख करोड़ से 22 लाख करोड़ तक पहुंचा है, जबकि यूपी में यह 49 हजार करोड़ से बढ़कर 1.15 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है।

