पराली जलाई तो लगेगा जुर्माना! योजना के लाभ से वंचित होंगे किसान
डीएम ने जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना गांव-गांव जाकर किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति किया जाएगा जागरूक
सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने और किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। बुधवार को डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जिले की ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और इसके बेहतर विकल्पों की जानकारी देगा। अफसरों ने कहा कि अगर खेतों में पराली जलाई तो जुर्माना लगेगा, साथ ही योजना के लाभ से भी वंचित होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जागरूकता अभियान के दौरान किसानों को बताया जाएगा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ मिट्टी की उर्वरता कम होती है और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव भी नष्ट होते हैं। खेत में आग लगाने से आसपास की खड़ी फसलों और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। प्रचार अभियान में किसानों को पराली जलाने पर निर्धारित दंड के प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी। दो एकड़ से कम क्षेत्र में पराली जलाने पर पांच हजार रुपये, दो से पांच एकड़ तक के क्षेत्र में 10 हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में 30 हजार रुपये प्रति घटना अर्थदंड का प्रावधान बताया गया है। किसानों को विभागीय योजनाओं के लाभ से वंचित किए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।


