प्रदेश की पहचान बदली, अब बाहर जाने पर यूपी के लोग का जय श्री राम से होता है स्वागत
सीएम योगी ने 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर बढ़ रहा आगे, अब रुकने वाला नहीं- सीएम योगी
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और चेक भेंट करते मुख्यमंत्री योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने यूपी की बदलती तस्वीर को पेश करते हुए गोरखपुर को बेहतरीन मॉडल बताया। कहा कि यूपी की एक नई पहचान बनी है। अब देशभर में कोई यूपी के लोगों को शक की निगाह से नहीं देखता। देश के किसी भी कोने में जाइए, यूपी के लोगों का जय श्री राम का संबोधन करके स्वागत और सम्मान होता है।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पोटर्स कॉलेज परिसर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। बिना रुके, बिना थके और बिना झुके अपनी विरासत की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। अपने पूर्वजों, अपनी आस्था और आराध्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए निरंतर प्रगति कर हा है। विकास के पथ पर बढ़ रहा यह प्रदेश अब रुकने वाला नहीं है।
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक यात्रा को आगे बढ़ाएं:जो देश कभी अपनी पहचान के लिए मोहताज था, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था जिसकी पहचान बन चुकी थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में आज दुनिया के सामने हर भारतीय गौरव के साथ सिर ऊंचा करके चल रहा है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि इस ऐतिहासिक यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान करें, सीएम ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।
प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लगभग 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास के दिन हम प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ भी कर रहे हैं। इस योजना का लाभ आने वाले समय में हमारे प्रदेश के लगभग दो करोड़ बच्चों को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात को गहराई से समझना होगा कि अगर बचपन सुरक्षित है, तो भविष्य भी सुरक्षित है। इसके लिए सबसे पहले धात्री महिलाओं में कुपोषण की समस्या का समाधान जरूरी है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा। शिशु के पैदा होने के प्रारंभिक हजार दिन उसकी भावी नींव के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दो करोड़ बच्चों को मिल रहा अनुपूरक पौष्टिक आहार: सीएम ने कहा कि प्रदेश में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक चल रहे हैं। इन केंद्रों में लगभा करोड़ बच्चे न केवल अनुपूरक पौष्टिक आहार प्राप्त रहे हैं बल्कि अक्षर ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षा और स्कू माहौल में तैयार होने की बेहतरीन व्यवस्था भी उपलब्ध उन्होंने कहा कि तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों के खेल-खेल में सीखने, अक्षर ज्ञान प्राप्त करने और समा विकास के लिए बाल वाटिका तथा प्री-प्राइमरी शिक्षा के कार्यक्रम को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

