बैदौला गांव के पास राप्ती नदी के तेज भू-कटान से बिजली टावर और दो मंदिरों पर मंडराया खतरा
प्रशासन ने भेजी आख्या,कटान-रोधी कार्य शीघ्र शुरू कराने की की गई है संस्तुति
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बैदौला गांव के पास तेज भू-कटान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कटान की जद में पारेषण लाइन का एक महत्वपूर्ण विद्युत टावर और दो प्राचीन मंदिर आ गए हैं। समय रहते बचाव कार्य नहीं होने पर टावर के क्षतिग्रस्त होने और मंदिरों पर खतरा मंडराने की आशंका जताई जा रही है।
उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र के निर्देश पर गुरुवार को नायब तहसीलदार राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने राजस्व निरीक्षक हरिशंकर तथा लेखपाल संजय वरुण के साथ मौके का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बैदौला गांव के उत्तर दिशा में तटबंध के आगे राप्ती नदी का कटान तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में नदी और विद्युत टावर के बीच मात्र करीब 10 मीटर की दूरी शेष रह गई है। यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो टावर के गिरने का खतरा उत्पन्न हो सकता है, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि बैदौला गांव के पूर्वी तटबंध के निकट स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर (कुट्टी) तथा समय माता मंदिर भी कटान की जद में आने की आशंका है। इन धार्मिक स्थलों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
नायब तहसीलदार राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि फिलहाल राप्ती नदी का जलस्तर घटने से कटान की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। खतरे को देखते हुए संबंधित विभागों को तत्काल आख्या भेज दी गई है और कटानरोधी कार्य शीघ्र शुरू कराने की संस्तुति की गई है। प्रशासन का कहना है कि समय रहते सुरक्षात्मक उपाय किए जाने से विद्युत टावर और दोनों मंदिरों को सुरक्षित बचाया जा सकता है।

