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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व सीएम योगी ने गोमती नदी के निचले क्षेत्रों में जलभराव एवं बचाव के संबंध में प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व सीएम योगी ने गोमती नदी के निचले क्षेत्रों में जलभराव एवं बचाव के संबंध में प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की

लखनऊ: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में फैजुल्लागंज सहित गोमती नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि आईआईएम रोड से पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती नदी के बाएं तट पर लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण कराया जाएगा। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी की निकासी बाधित होने की समस्या के समाधान के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में कोई कमी न रहे। स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना पर काम करें। उन्होंने जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के तत्काल सुदृढ़ीकरण के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि फैजुल्लागंज में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र ही प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के एक नए समन्वित शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए जलभराव प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के रूप में उच्चीकृत करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवीए के स्थान पर 132 केवीए का नया सब-स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी लखनऊ की आत्मा है। इसके अविरल और निर्मल प्रवाह के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वह कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि तटबंध निर्माण, पंपिंग स्टेशनों और नालों की योजना एक-दूसरे के पूरक के रूप में तैयार की जाए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने अथवा अत्यधिक वर्षा होने की स्थिति में भी बस्तियों के भीतर पानी न रुके।

लखनऊ में बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीन, पांच स्वीपिंग मशीन और आठ ट्रैक्टर टैंकरों से एंटी-लार्वा छिड़काव तथा 11 टाटा एस माउंटेड और 23 हैंड-हेल्ड मशीनों से फॉगिंग कराई जा रही है। क्षेत्र में 75 वाटर टैंकर, 36 मोबाइल शौचालय, 179 प्रकाश बिंदु और 135 मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट के साथ ही शिकायतों के निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम (टोल फ्री नंबर 1077) और छह कंट्रोल प्वाइंट संचालित किए जा रहे हैं।

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