लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के 6लेन निर्माण के लिए दीपावली से पहले हरी झंडी मिलने की उम्मीद
लखनऊ से सीतापुर छह लेन का सर्वे होने के बाद स्वीकृति- गौतम विशाल, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआइ
एक हजार करोड़ की इस परियोजना का लाभ लखनऊ से सीतापुर के बीच पड़ने वाली नौ विधानसभा क्षेत्रों के लाखों लोगों को मिलेगा
लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के 6लेन बनने में खर्च होंगे 1000 करोड़ रुपए- एनएचएआइ
लखनऊः राजधानी से सीतापुर का सफर और सुगम होने जा रहा है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने छह माह पहले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 30 के चौड़ीकरण को लेकर सर्वे कराया था। सर्वे पूरा होने के बाद एक समग्र रिपोर्ट सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भेज दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, दीपावली से पहले इसको स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। एक हजार करोड़ की इस परियोजना का लाभ लखनऊ से सीतापुर के बीच पड़ने वाली नौ विधानसभा क्षेत्रों के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले चौराहों पर अंडरपास के प्रस्ताव भी दिए थे, जिनका भी सर्वे पूरा कर लिया गया है।एनएचएआइ अधिकारियों के मुताबिक सात स्थानों पर अंडरपास से छह लेन के लखनऊ-4. सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने में खर्च होंगे 1000 करोड़ रुपए।
राष्ट्रीय राजमार्ग – 30,सात स्थानों पर बनेंगे अंडरपास:वैदेही वटिका, खैराबाद,सिधौली, विक्रमपुर, इंटौजा,लहरपुर और अटरिया।इन विधानसभा के लोगों को होगा फायदा:महोली, सीतापुर, हरगांव, लहरपुर, बिसवां, सेवता, महमूदाबाद, सिधौली और मिश्रिख।
लखनऊ से सीतापुर छह लेन का सर्वे होने के बाद स्वीकृति- गौतम विशाल, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआइ:राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण लखनऊ की आउटर रिंग रोड से शुरू होगा जो सीतापुर तक जाएगा।करीब 63 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग को बनाने में किसी प्रकार की जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। इसके कारण यह प्रोजेक्ट आगामी एक से डेढ़ साल में होने की संभावना है। वर्तमान में चार लेन के लखनऊ सीतापुर एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।उद्देश्य है कि यहां से वाहनों को मोड़ने, फ्लाईओवर से उतरने और यू-टर्न में परेशानी न हो और दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लग सके।सोर्स विज्ञप्ति।

