सिद्धार्थनगर: 100 एकड़ में विकसित होने वाले औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ा: 400 एकड़ में विकसित होगा औद्योगिक कॉरिडोर
शोहरतगढ़ तहसील के सिरवत, सेमरियांव और बसठा गांव में पहले चिह्नित की गई थी 100 एकड़ जमीन
निज संवाददाता सिद्धार्थनगर। जिले के 100 एकड़ में विकसित होने वाले औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने इसे विस्तारित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत अब 100 की जगह 400 एकड़ से अधिक क्षेत्र में भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। यहां औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के साथ ही वाणिज्यिक सेक्टर और आवासीय टाउनशिप भी विकसित करने की योजना है।यूपीसीडा की ओर से जिले में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में चिह्नित भूमि के गाटों से संबंधी सूचनाएं राजस्व टीम एकत्रित कर चुकी है। जल्द ही भूमि के प्रकार एवं वर्तमान स्थिति समेत गाटों की संख्या और रकबा संबंधी सूचना तहसील द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से यूपीसीडा को भेजी जाएगी।
यूपीसीडा की ओर से जिले में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के सिरवत, सेमरियांव और बसठा गांव की भूमि चिह्नित की गई है। यह भूमि एनएच-730 के किनारे और रेल लाइन से सटे है। तीनों गांवों की खाली भूमि की उपलब्धता के लिए उससे संबंधित संपूर्ण जानकारी के लिए यूपीसीडा ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। इस क्रम में एडीएम ने एसडीएम शोहरतगढ़ को भूमि संबंधी सभी आंकड़े और जानकारी यूपीसीडा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए निरीक्षण करती यूपीसीडा की टीम: शुरुआत में मात्र 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की मंशा रखने वाली यूपीसीडा ने अब यहां पर 500 एकड़ भूमि उपलब्धता की अपेक्षा व्यक्त की है। अधिक भूमि उपलब्ध होने पर यूपीसीडा यहां औद्योगिक,वाणिज्यिक और आवासीय कॉरिडोर विकसित करने की योजना बना रही है।राजस्व टीम की तरफ से मौके पर भूमि का चिह्नह्मांकन करते हुए संपूर्ण जानकारी संबंधी आंकड़े तैयार करने में जुटी है। जल्द ही इसे यूपीसीडा को उपलब्ध कराने के बाद किसानों की सहमति मिलने पर भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उपलब्ध भूमि पर होंगे ये कार्य: यूपीसीडा की ओर से औद्योगिक गलियारे के लिए उपलब्ध होने वाली भूमि पर आधुनिक सड़कें जलापूर्ति, ड्रेनेज नेटवर्क, बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट समेत अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ निवेशकों और उद्यमियों को विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), उद्योगों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सुव्यवस्थित औद्योगिक भूमि और भूखंड (प्लॉट) उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा यूपीसीडा की ओर से यहां पर श्रमिक सुविधा केंद्र, शॉपिंग कॉपलेक्स, शिक्षा संस्थान, आवासीय भवन, पार्क, पेट्रोल पंप आदि स्थापित करने की योजना है। इससे यहां आने वाले लोगों को एक साथ सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यूपीसीडा की ओर से चिह्नित भूमि के संबंध में आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए तहसील प्रशासन को निर्देशित किया गया है। चिह्नित भूमि को नियमानुसार किसानों की सहमति और मुआवजा वितरण के बाद अधिग्रहीत किया जाएगा। जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से समग्र विकास होने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर धर्मचंद्र का कहना है कि सिद्धार्थनगर में उपलब्ध भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करते हुए वहां वाणिज्यिक और आवासीय भवनों का निर्माण कराया जाएगा। हाईवे और रेल लाइन के किनारे है चिह्नित भूमि:यूपीसीडा की टीम की ओर से औद्योगिक क्षेत्र की भूमि चयन के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने मौके पर उपलब्ध भूमि के डूब विहीन होने, भूमि तक सड़क व व रेल आदि मार्ग से कनेक्टिवटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया है।
इसी के तहत औद्योगिक क्षेत्र की उपज का बेहतर मूल्य और मिलेगा रोजगार:जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से जहां स्थानीय उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। वहीं यहां के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। कृषि उपज से जुड़े प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और अन्य लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं हैं। इससे किसानों को कृषि उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा। कृषि से संबंधित उद्योग, एग्रो-बेस्ड और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, गोदामों (वेयरहाउसिंग) के निर्माण से भी कृषकों को लाभ होगा। साथ ही यहां पर बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना से यहां के पांच हजार से अधिक प्रशिक्षित और गैर प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है।
स्थापना के लिए शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में एनएच-730 पर सिरवत, सेमरियांव और बसठा गांव की चिह्नित भूमि रेलवे लाइन के किनारे भी है। इस भूमि से रेलवे स्टेशन के साथ ही बांसी होते हुए गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे के कनेक्ट होने से औद्योगिक क्षेत्र का अन्य व्यापारिक जगहों तक बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। सोर्स विज्ञप्ति,फाइल फोटो।

