Mon. Aug 17th, 2026

अखिलेश यादव के “जब हम सत्ता में आयेंगे” तो “पीडीए” को न्याय देंगे! वाले बयान पर पूर्व डीजीपी बृजलाल की तीखी प्रतिक्रिया

अखिलेश यादव के “जब हम सत्ता में आयेंगे” तो “पीडीए” को न्याय देंगे! वाले बयान पर पूर्व डीजीपी बृजलाल की तीखी प्रतिक्रिया

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज 16 अगस्त 2026 को कहा कि जब हम सत्ता में आयेंगे तो “पीडीए” को न्याय देंगे। पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा दिए गए “पीडीए” वाले बयान पर उनको याद दिलाया कि आप की परिभाषा के अनुसार मैं भी आप की पीडीए में “डी” यानी दलित हूँ। मैं तो वह दलित अधिकारी हूँ जिस पर आप की सरकार में सबसे अधिक अत्याचार हुये हैं। मैं तो आईपीएस अधिकारी था, किसी तरह सर्वाइव कर गया किंतु आप की सरकार ने मुझे समाप्त करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा,1989 में आप के पिता ने मुझे एसएसपी इटावा बनाये। मैंने अपने 84 दिन के कार्यकाल में वही किया जो न्याय संगत था।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने कहा कि चाचा शिवपाल यादव ने 8 अप्रैल 1990 को थाना सिविल लाइंस पर 100-150 हथियार बंद लोगो के साथ हमला करके 25 लैंड माफियाओं को छुड़ा लिया था। वे जिस ज़मीन पर कब्जा कर रहे थे वह भी एक यादव मुनीब यादव की थी, आप की परिभाषा में “सुपर पी”। उस समय थानाध्यक्ष थे शाह आलम ख़ान जिनको आप के काका शिवपाल यादव ने मार-मार कर मरणासन्न कर दिया था। ख़ान के ऊपर 4 हज़ार फर्जी मुकदमे कराये गये और न्यायालय में चार्ज-शीट भेज दी गई। आप के पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव शाह आलम ख़ान को उसी समय गिरफ़्तार कराना चाहते थे किंतु मैंने न्याय के लिए अपनी नौकरी दाँव पर लगा दी। सीआईडी जाँच कराकर आप के चाचा को क्लीन-चिट दी गई, शाह आलम ख़ान का प्रॉसिक्यूशन और मुझे बर्खास्त करने के लिए विभागीय कार्यवाही की गई।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने कहा कि अखिलेश,की परिभाषा के अनुसार , ख़ान “ए” और मैं “डी” तथा जिनकी जमीन पर आप के चाचा कब्जा कर रहे थे, वे मुनीब यादव थे- “पी” पिछड़ा। एक ही घटना में “पीडीए” के तीनों घटकों को घोर रूप से प्रताड़ित किया गया। अपने परिवार के लिए आप लोग न्याय का गला घोटने के लिए कुख्यात रहे है।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि, इटावा के बाद प्रदेश में जब-जब सपा की सरकार आई, मुझे टारगेट करके प्रताड़ित किया गया जिससे मैं टूट जाऊं, लेकिन मैं टूटा नहीं। इसी का दस्तावेज है मेरी पुस्तक “इटावा फाइल्स” प्रभात प्रकाशन नई दिल्ली से प्रकाशित है,कृपया पढ़ ले।सारी सच्चाई पता चल जायेगी।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने अखिलेश यादव को याद दिलाया कि जब आप 2012 में मुख्यमंत्री बने तो मुझे डीजीपी से हटाया, कोई बात नहीं, लेकिन जब भारत सरकार ने मेरी उत्कृष्ट सेवाओं के आधार पर “डीजीसीआरपीएफ” बनाया गया तो आप ने मुझे कार्यमुक्त नहीं किया। यदि मैं कार्यमुक्त हो गया होता तो मैं देश में पहला दलित डीजी- सीआरपीएफ” बनता। किंतु आप ठहरे दलित-विरोधी, आप ने एक दलित आईपीएस अधिकारी को भारत सरकार में डीजी सीआरपीएफ नहीं बनने दिया।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने आरोप लगाया कि इतनी प्रताड़ना से मन नहीं भरा,तो मेरे ख़िलाफ़ बाराबंकी कोतवाली में “हत्या” “हत्या की साजिश” का मुक़दमा लिखवा दिया जिसमें 38 अन्य अधिकारी, पुलिसकर्मी थे। हमारा दोष यह था कि मेरे निर्देशन में 23-11-2007 को उत्तरप्रदेश की लखनऊ, अयोध्या और काशी की कचहरियों में ब्लास्ट करने वाले आतंकी खालिद मुजाहिद और हकीम तारिक कासमी गिरफ्तार किए गए थे। 18 मई 2013 को दोनों आतंकी अयोध्या न्यायालय से पेशी के बाद लखनऊ आ रहे थे, खालिद मुजाहिद की “लू” लगने से मौत हो गई, आप ने मेरे ऊपर हत्या का मुकदमा कायम कराकर जेल भेजने का प्रयास किया।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश बृजलाल ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को नसीहत दी कि आपकी पार्टी “पीडीए” की बात तो करें नहीं,समाजवादी पार्टी ने 1993 में “दलित- पिछड़ा गठजोड़ का प्रयोग किया,सरकार तो बना ली परंतु जून 1995 में “गेस्ट हाउस” कांड कर डाला,सपा के शासनकाल में दलितों को सबसे अधिक प्रताड़ित किया। हम कैसे भूल जाय, आप ने मुख्यमंत्री बनते ही एक लाख से अधिक दलित अधिकारियों को पदावनत करके बेइज्जत किया, मानसिक प्रताड़ना दी।

संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ भीमराव आंबेडकर बाबा साहब को अपमानित करने में कोई कोर- कसर नहीं छोड़ी।दलित महापुरुषों, संतों के नाम पर बनी संस्थाओ, जिलों के नाम बदल डाले, दलित संतो , महापुरुषों से इतनी नफ़रत।“पीडीए” को न्याय दिलाने की बात आप के मुखारबिंद से शोभा नहीं देता।

Brij Lal IPS Retd,Ex-DGP UP
Member of Parliament(Rajya Sabha) Dated- 16 August 2026

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *