जल्द भरे जाएंगे उसका बाजार और चिल्हिया में 9.5 किमी सड़क के गड्ढे-एनएचआई
बाईपास निर्माण के चलते छूटी हुई थी सड़क, 35 करोड़ से होगा पुनर्निर्माण-एनएचआई
स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए भी निर्देशित किया है ताकि लोगों को राहत मिल सके-जिलाधिकारी
सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी-जिलाधिकारी
सिद्धार्थनगर। एनएच-730 पर बाईपास निर्माण के चलते उसका बाजार और चिल्हिया में छूटी 9.5 किलोमीटर लंबी पुरानी सड़क के गड्ढे अब एक सप्ताह में भरे जाएंगे। वहीं, 35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने के साथ ही निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
ऐसे में एक माह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार बारिश थमते ही अक्तूबर में निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।जर्जर सड़क के गड्ढों का दायरा बारिश के दौरान और बढ़ जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढे भरे जाने से फिलहाल जान जोखिम में डालकर लोग आवागमन कर रहे हैं। सड़क निर्माण हो जाने से लोगों को राहत मिलेगी।
एनएचएआई के नियमों के अनुसार बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद ही उससे छूटी पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाता है। करीब पांच वर्ष पहले महराजगंज जिले की सीमा से उसका वाजार और शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू हुई थी। सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ उसका और चिल्हिया में बाईपास का निर्माण भी कराया जा रहा है।बाईपास निर्माण के चलते उसका बाजार कस्बे और चिल्हिया रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरने वाली पुरानी सड़क का पुनर्निर्माण और मरम्मत नहीं हो सकी। इससे उसका बाजार में करीब सात किलोमीटर और चिल्हिया में 2.5 किलोमीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर जगह जगह गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
उसका बाजार क्षेत्र में जर्जर पड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग: बारिश में सड़क के गड्ढे पहले से और बड़े आकार में हो गए हैं। इस सड़क से रोज गुजरना काफी कष्टकारी है। गड्ढे भरने और सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने से क्षेत्रवासियों को राहत की उम्मीद जगी है।शासन के निर्देशानुसार बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के गड्ढे त्यौहार से पहले भरने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए भी निर्देशित किया है ताकि लोगों को राहत मिल सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
वाईपास का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण उसका से फरेंदा और गोरखपुर सहित अन्य स्थानों पर प्रतिदिन पुरानी सड़क से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब 35 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है,एनएचएआई के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि बारिश से बने गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बारिश के कारण उसका बाजार शहर से उसका बाजार होते हुए गोरखपुर जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गड्ढों का आकार बारिश में और बढ़ गया है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण में देरी से काफी परेशानी हो रही थी। अब स्वीकृति मिलने के बाद पुनर्निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी।
एनएच-730 पर उसका में दो और चिल्हिया में एक रेलवे क्रॉसिंग पर निर्बाध आवागमन के लिए 8.5 किलोमीटर लंबे उसका बाईपास और 2.5 किलोमीटर लंबे चिल्हिया बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। उसका बाईपास में मदनपुर, पंडितपुर और बिहठा समेत हथिवड़ताल में 13 छोटी पुलिया और कूड़ा नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण होना है। वर्तमान में निचली भूमि पर निर्माणाधीन छोटी पुलियों के आसपास जलभराव होने से काम बंद है। जलभराव खत्म होने के बाद ही पुलियों का निर्माण दोबारा शुरू हो सकेगा। इसके बाद बाईपास निर्माण में भी तेजी आने की उम्मीद है।
उसका बाजार में बाईपास निर्माण के चलते कस्बे से होकर गुजरने वाली करीब सात किलोमीटर लंबी पुरानी सड़क छूटी हुई है। वहीं, चिल्हिया में बाईपास निर्माण के चलते रेलवे क्रॉसिंग से होकर गुजरने वाली 2.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो सका। एनएचएआई के अफसरों के अनुसार बाईपास का निर्माण पूरा होने तक इन दोनों सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं कराया जा सकता था। इसी वजह से उसका बाजार की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और जगह-जगह गड्ढे हो गए। सड़क निर्माण में देरी से स्थानीय लोग परेशान थे। अब पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद लोगों और वाहन चालकों में राहत की उम्मीद है।गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।

