किशोरियों ने उठाई बाल संरक्षण की जिम्मेदारी,मिशन वात्सल्य के तहत तीन विकास खंडों में संयुक्त पीयर एजुकेटर्स का प्रशिक्षण दिया गया
न्यूज़ 17 इंडिया संवादाता
सिद्धार्थनगर। मिशन वात्सल्य परियोजना के अंतर्गत मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान द्वारा ब्लाक संसाधन केंद्र बाँसी में विकास खण्ड बाँसी, खेसरहाँ और मिठवल के संयुक्त पीयर एजुकेटर्स का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में किशोर-किशोरियों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम, जीवन कौशल तथा समुदाय आधारित बाल संरक्षण प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। संस्थान के निदेशक भानुजा शरण लाल ने कहा कि पीयर एजुकेटर्स गांवों में बाल अधिकारों के प्रत्ति जागरूकता फैलाने और बाल श्रम व बाल विवाह जैसी कुरीतियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिला कार्यक्रम प्रमुख प्रसून शुक्ला ने मिशन वात्सल्य के उद्देश्यों एवं समुदाय आधारित बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। फील्ड कोऑर्डिनेटर तेज नारायण ने पीयर एजुकेटर्स की जिम्मेदारियों और सामुदायिक सहभागिता पर जानकारी दी, जबकि एमआईएस अभिषेक मिश्रा ने दस्तावेजीकरण, रिपोर्टिंग एवं जियो-टैग्ड फोटोग्राफी के महत्व से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
प्रशिक्षण के दौरान पॉक्सो अधिनियम, जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, रेफरल मैकेनिज्म तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में ब्लाक समन्वयक ज्योति सिंह, सोनम मोदनवाल एवं श्रद्धा दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने गांवों में बच्चों के लिए सुरक्षित, शिक्षित और बाल हितैषी वातावरण बनाने तथा बाल संरक्षण को सशक्त करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

