राजपुर “कानपुर देहात” 8 सितम्बर 2025
ग्राम प्रधान संगठन ने आमजनमानस की समस्याओं के दृष्टिगत सीएम योगी को दिया तीन सूत्रीय मांग पत्र
राजपुर “कानपुर देहात” 08 सितम्बर। राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन ने आमजमानस की समस्याओं के दृष्टिगत सीएम योगी को तीन सूत्रीय मांग पत्र को भेजा है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव दिनेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री को दिए गये मांग पत्र मे मांग किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा जनहित को ध्यान में रखते हुए व मुख्य योजनाएं ग्रामीण स्तर की लोगों की सुख और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रोजी-रोटी कपड़ा और मकान की तर्ज पर लोगों को सुविधा देने का काम कर रही है। स्वास्थ्य के संबंध में भी आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लोगों को उपचार करने की निःशुल्क सुविधा प्राप्त हो रही है,किसानों के हितों के लिए भी काफी सुविधा जनक कार्य किए जा रहे हैं।शासन से जो सुविधाएं धरातल पर भेजी जा रही हैं उन सुविधाओं को लेकर राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश पदाधिकारी एवं जनपद स्तर के पदाधिकारी व ब्लॉक स्तर कमेटी की भावनाओं की दृष्टिगत से प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा उपरोक्त जनहितकारी योजनाएं धरातल में उतारने में सहयोग नहीं मिल रहा है,जिसके कारण ग्रामीण स्तर पर लोगों में रोष व्याप्त है।विशेष रूप से विद्युत व्यवस्था में हो रही अनियमिताओं को लेकर ग्रामीण अंचल में काफी रोष है।विद्युत विभाग के कर्मचारी बिल संशोधन को लेकर बिलों का अधिक आना फिर विजिलेंस के द्वारा मुकदमे लिखा जाना और एक किलोवाट का कनेक्शन होते हुए भी 4किलो व 5किलो वाट के आधार पर अभियोग पंजीकृत कराया जाना अब आम बातें हो गई हैं। जिससे आम आदमी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के कर्मचारी न तो फोन उठाते हैं और यदि उठाते भी हैं तो संतोषजनक जबाव नहीं देते हैं।
ऐसी स्थिति में ग्राम प्रधान संगठन आपसे यह मांग करता है कि यदि ग्रामीण अंचल में एक मिनिमम चार्ज निर्धारित कर दिया जाए जिससे लोगों को सरलता से बिल जमा करना आसान होगा और बिलों के संशोधन को लेकर भ्रष्टाचार भी कम होगा। इसी क्रम में ग्रामीण अंचल में छोटी-छोटी बातों पर आए दिन विवाद उत्पन्न होते रहते हैं यही विवाद जब पुलिस स्तर पर पहुंचते हैं तो समझौते के नाम पर,धारा कम करने के नाम पर व मुकदमा हल्का करने के नाम पर लोगों से आर्थिक उगाही होती है। इस संबंध में भी पुलिस प्रशासन पर भी शासन स्तर से रोक लगाया जाना जनहित में लाभदायक होगा।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे मामलों में गांव की पंचायत में उनका निस्तारण किया जाना भी तय किया जाए जिससे लोगों को थाना,कचहरी व अदालत में अनावश्यक व्यय न करना पड़े।वहीं ग्रामीण स्तर पर किसानों की समस्याएं जमीन,प्लाट,खसरा,खतौनी या जमीन से संबंधित विवाद तहसील स्तर पर लंबित रहते हैं। उपजिलाधिकारी कार्यालय में लंबे समय तक पत्रावलियां लंबित रहती हैं जिसके कारण गांव गरीब किसान केवल तहसील के चक्कर काटता है और अधिवक्ताओं के अनावश्यक धन उगाही का शिकार हो जाता है, यूपी के सभी उपजिलाधिकारी कोर्ट में लंबित पत्रावलियों का एक निर्धारित समय निश्चित कर दिया जाए,उसी अवध के अंतर्गत उनका निस्तारण किया जाना सुनिश्चित किया जाए तो लोगों का समय और धन बच सकता है।कहा कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को सुख और सुविधाओं को देखते हुए शासन द्वारा दी जाने वाली जनहितकारी योजनाओं का धरातल तक ले जाना अति आवश्यक है।इसके लिए प्रशासनिक अमले को काफी मजबूत करने की आवश्यकता है लेकिन दुर्भाग्य से प्रशासनिक अमला जमीन स्तर पर लोगों में सद्भावना उत्पन्न नहीं कर पा रहा है। अफसर शाही के कारण आम जनमानस में निराशा व्याप्त है।
दिनेश मिश्रा ग्राम प्रधान संगठन संगठन ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से आग्रह पूर्वक निवेदन किया है कि इस ज्ञापन को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए संगठन एवं जनहित में कोई ठोस कार्रवाई करें ताकि आने वाले समय मे इसका लाभ आमजन मानस को मिल सके।

