लखनऊ: 18 नवम्बर, 2025
प्रदेश सरकार द्वारा सिचाई संसाधनों की दी गई सुविधा से किसानों के फसलोत्पादन में हो रही है बढ़ोत्तरी
लखनऊ: 18 नवम्बर, 2025,
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों एवं खेती की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये हॅै। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रदेश सरकार ने कृषकों के लिए अनेकों योजनाये, कार्यक्रम संचालित करते हुए उन्हें लाभान्वित कर रही है। किसान एवं जनता का विकास इस सरकार की प्राथमिकता है। वर्तमान में सरकार कृषकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है एवं उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु तत्परता से कार्यवाही कर रही है। किसानोें को उनकी फसलों की सिंचाई हेतु समस्या न हो इसके लिए सभी प्रकार के सिचाई के संसाधनों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण करते हुए फसल उत्पादन में बढ़ोतरी की है।
उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 241.17 लाख हेक्टेयर है। जिनमे कुल कृषि योग्य क्षेत्रफल 188.40 लाख हेक्टेयर है। इसमें सकल बोया जाने वाला क्षेत्रफल 268.162 लाख हेक्टेयर (129.24 लाख हे० (रबी), 128.89 लाख हे0 (खरीफ) एवं 10.032 लाख हे0 (जायद) की है। प्रदेश में कुल नहरों की लम्बाई 76527.00 कि0मी0 (1436.2 कि०मी० स्केप सहित) है तथा प्रदेश में बांधों की संख्या 71 (रिहन्द एवं ओबरा जलाशय को छोड़कर शेष 69 से सिंचाई होती है) है। प्रदेश में चलित राजकीय नलकूप की संख्या 36094 अदद है।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-2022 के मध्य 270 अदद सिंचाई की परियोजनाएं पूर्ण की गयी, जिसकी लागत रू0 19700.19 करोड़ है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरान्त कुल 31.60 लाख हे० सिंचन क्षमता सृजित/पुनर्स्थापित हुई तथा इससे 73.71 लाख कृषक लाभान्वित हो रहे हैं।उसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 के मध्य 199 अदद सिंचाई की परियोजनाएं पूर्ण की गयी, जिसकी लागत रू0 1075.32 करोड़ है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरान्त कुल 9.64 लाख है० सिंचन क्षमता सृजित/पुनर्स्थापित हुई तथा इससे 29.37 लाख कृषक लाभान्वित हो रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में सिंचाई विभाग द्वारा नहरों के पुनरोद्धार तथा सिंचन क्षमता को सृजित/पुनर्स्थापित करने हेतु 266 अदद सिंचाई की परियोजनाये, जिनकी लागत रु0 1388.66 करोड़ है, पूर्ण की गयी है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरान्त कुल 3.30 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित/पुनर्स्थापित हुई तथा 49.96 लाख कृषक लाभान्वित हुए है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिंचाई विभाग द्वारा नहरों के पुनरोद्धार तथा सिंचन क्षमता को सृजित/पुनर्स्थापित करने हेतु 394 अदद सिंचाई की परियोजनायें जिनकी लागत रु0 1549.31 करोड़ है, पूर्ण की गयी। उक्त परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरान्त कुल 5.63 लाख हे० सिंचन क्षमता सृजित/पुनर्स्थापित हुई तथा 63.96 लाख कृषक लाभान्वित हुए। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा कुल 1129 सिंचाई परियोजनायंे पूर्ण करते हुए 50.17 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया है तथा 217 लाख किसानों को फसलों की सिंचाई हेेतु सुविधा दी है।
नहरों की सिल्ट सफाई: प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2022-23 में खरीफ (1430 फसली) में 1933.00 कि०मी० एवं रबी (1430 फसली) में 48836.00 कि॰मी॰ नहरों की सिल्ट सफाई करायी गई। वित्तीय वर्ष 2023-24 में खरीफ (1431 फसली) में 3121.406 कि०मी० एवं रबी (1431 फसली) में 44591.177 कि॰मी॰ नहरों की सिल्ट सफाई करायी गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में खरीफ (1432 फसली) में 1306.072 कि०मी० एवं रबी (1432 फसली) में 50179.00 कि॰मी॰ नहरों की सिल्ट सफाई करायी गई। वितीय वर्ष 2025-26 में खरीफ (1433 फसली) में अगस्त, 2025 तक 1226.123 कि०मी० की लम्बाई में सिल्ट सफाई करायी गई। नहरों की सिल्ट सफाई से किसानों के खेतों तक सीधे पानी पहुँचता है।
टेल फीडिंग: वित्तीय वर्ष 2022-23 खरीफ (1430 फसली) में 10220 टेले एवं रबी (1430 फसली) में 10471 टेले फीड हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 खरीफ (1431 फसली) में 10121 टेले एवं रबी (1431 फसली) में 10420 टेले फीड हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 खरीफ (1432फसली) में 10327 टेले एवं रबी (1432 फसली) में 10646 टेले फीड हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खरीफ (1433 फसली) में अब तक 10230 टेले फीड हुई है।
वर्तमान में प्रदेश में वृहद सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत ऊपरी गंगा नहर, मध्यगंगा नहर, आगरा नहर, पूर्वी यमुना नहर, निचली गंगा नहर, पूर्वी गंगा नहर, शारदा नहर, शारदा सहायक नहर, सरयू नहर, गण्डक नहर, नारायणी नहर एवं बेतवा नहर आदि प्रमुख नहर प्रणालियां है, जिनकी कुल लम्बाई 76,527.00 कि॰मी॰ है। वित्तीय वर्ष 2022-23 (रवी खरीफ) में 101.41 लाख हे० सींच करायी गयी। वित्तीय वर्ष 2023-24 (रबी$खरीफ) में 102. 74 लाख हे० सींच करायी गयी। वितीय वर्ष 2024-25 (रबी खरीफ) में 104.75 लाख हे० सीच करायी गयी। वित्तीय वर्ष 2025-26 (खरीफ) में अब तक प्रगति 29.35 लाख हेक्टेयर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 खरीफ (1433 फसली) में नहरो राजकीय नलकूपो से उनके कमाण्ड क्षेत्र के 24121 तालाब/पोखर भरें गये। जिनसे किसानों द्वारा सिंचाई की जाती है।

