भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ रहे किडनी स्टोन के मरीज! होम्योपैथी में है इसका स्थायी इलाज : डॉ. भास्कर शर्मा
सिद्धार्थनगर। आज की आधुनिक जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में पथरी की समस्या एक आम लेकिन बेहद गंभीर बीमारी के रूप में उभर रही है। किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) का दर्द इतना असहनीय होता है कि यह मरीज को पूरी तरह बेहाल कर देता है। हाल के दिनों में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। चिकित्सा जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले और ग्रीनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित सैकड़ों चिकित्सा पुस्तकों के लेखक, विश्व प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. भास्कर शर्मा के मुताबिक, किडनी स्टोन को मेडिकल भाषा में यूरोलिथीयालिस भी कहा जाता है। क्यों होती है पथरी की समस्या? डॉ. भास्कर शर्मा ने बताया कि शरीर में पानी की कमी, खान-पान में गड़बड़ी, अत्यधिक फास्ट फूड का सेवन और यूरिन में कैल्शियम, ऑक्सालेट व यूरिक एसिड जैसे तत्वों की मात्रा बढ़ने से ये क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी में बदल जाते हैं।
डॉ. शर्मा के अनुसारहोम्योपैथी में बिना ऑपरेशन कारगर इलाज संभव है। कई लोग पथरी का नाम सुनते ही ऑपरेशन से डर जाते हैं, लेकिन होम्योपैथी में इसका बेहद कारगर और बिना चीर-फाड़ के इलाज संभव है। होम्योपैथिक दवाएं न सिर्फ पथरी के असहनीय दर्द से तुरंत राहत दिलाती हैं, बल्कि पथरी को धीरे-धीरे गलाकर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती हैं। सबसे खास बात यह है कि होम्योपैथिक उपचार से शरीर में दोबारा पथरी बनने की प्रवृत्ति भी खत्म हो जाती है।

