नई दिल्ली, 13 मार्च 2026
कपिलवस्तु के समग्र विकास के लिए सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में नोटिस दिया
नई दिल्ली: लोकसभा सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर स्थित कपिलवस्तु क्षेत्र के समग्र विकास का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान इस दिशा में आकर्षित करने के लिए नोटिस दिया। अपने नोटिस में उन्होंने उल्लेख किया कि कपिलवस्तु भगवान बुद्ध की जीवनयात्रा का आरंभ स्थल है, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के 29 वर्ष व्यतीत किए और मानवता को ज्ञान, अहिंसा तथा करुणा का संदेश दिया। यह स्थल न केवल भारत, बल्कि विश्व की एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक धरोहर है।
सांसद पाल ने कहा कि लुम्बिनी, कुशीनगर और श्रावस्ती के मध्य स्थित होने के कारण कपिलवस्तु अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन का एक स्वाभाविक केंद्र बनने की अपार संभावनाएँ रखता है। उचित अवसंरचना तथा आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से इस क्षेत्र को वैश्विक बौद्ध पर्यटन के मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित किया जा सकता है।
इस दौरान सांसद पाल ने अपने नोटिस में आग्रह किया कि प्रसाद योजना के अंतर्गत कपिलवस्तु के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाए जिसके तहत आधुनिक तीर्थ सुविधाएँ, ध्यान केंद्र, व्याख्या-केंद्र इंटरप्रेटिशन सेंटर्स (Interpretation Centres), स्वच्छता तथा यात्री सुविधाओं का विकास किया जा सके, इसके साथ ही उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना (बौद्ध सर्किट) के अंतर्गत कपिलवस्तु को सुदृढ़ कनेक्टिविटी, इंडो-नेपाल बौद्ध संपर्क मार्ग, संग्रहालय तथा अंतरराष्ट्रीय अध्ययन एवं शोध केंद्र से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में उठाए गए कदम कपिलवस्तु को एक वैश्विक बौद्ध धरोहर केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे तथा क्षेत्र में पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेंगे।

