Mon. Jul 20th, 2026

“गांधी से गांधी तक” आप गांधी को मार सकते हो! मगर गांधीवादी विचारधारा को नहीं- अशोक कुमार पांडेय

“गांधी से गांधी तक” आप गांधी को मार सकते हो! मगर गांधीवादी विचारधारा को नहीं- अशोक कुमार पांडेय

सिद्धार्थनगर। सत्य और अहिंसा ही नही महात्मा गांधी विविधता में एकता के प्रबल पक्षधर थे। यही कारण है कि उनका ये विचार भारत में अब तक कायम है जिसे एक खास विचारधारा के लोग कुचलने की कोशिश कर रहे है। गांधी की हत्या तो हो सकती है, लेकिन गांधी के विचारों की नही। यह विचार इतिहासकार, लेखक और कश्मीर मामलों के जानकार अशोक कुमार पांडेय ने व्यक्त किया।

अशोक पांडेय रविवार दोपहर को लोहिया कला भवन सभागार में “गांधी से गांधी तक” एकल व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा की गांधी और उनके विचारों की प्रासंगिकता को देश में ज़रूर कुछ लोग घटाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन दुनियां में स्थापित उनकी प्रतिमाएं, तथा उनकी मान्यताएं आज भी साबित करती हैं कि गांधी पर आरोप लगाए जा सकते हैं, मगर उनकी प्रतिष्ठा व प्रासंगिकता कम नही की जा सकती है।

इस अवसर पर काँग्रेस के जिलाध्यक्ष काज़ी सुहेल अहमद,विश्व विजय सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष, जयकरन वर्मा प्रदेश महासचिव, देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव प्रदेश सचिव व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से भरे सभागार में उन्होंने गांधी पर लगाये जाने वाले तमाम आरोपों का बिंदुवार जवाब देते हुए अशोक पांडेय ने कहा कि आजादी की लड़ाई में जिन लोगों ने अंग्रेजों से हाथ मिलाया, वही आज गांधी, नेहरू के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि उस समय का एक भी नेता उन शक्तियों का समर्थक नहीं था, इसलिए वह पटेल बनाम नेहरू तथा भगत सिंह बनाम गांधी नेहरू का फर्जी विवाद खड़ा कर रहे हैं, मगर वे इसमें कभी कामयाब न होंगे।

मुख्य अतिथि ने गांधी पर विमर्श के क्रम में नेहरू के कथित माफीनामे पर ज़ोर देते हुए कहा कि नेहरू ने नाभा मामले में कभी माफी नही मांगी, जबकि वीर सावरकर ने अंग्रेजों से कम से कम 6 बार लिखित माफी मांगी, जिसके आधिकारिक प्रमाण है। कांग्रेस और युवक काँग्रेस के तत्वाधान में आयोजित इस व्याख्यान कार्यक्रम का संयोजन प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. अरविंद शुक्ल ने किया।

उपरोक्त कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी सहित सादिक़ अहमद, नादिर सलाम, अभिनय राय, अनिल सिंह अन्नू, कृष्ण बहादुर सिंह, राजन श्रीवास्तव, पंकज चतुर्वेदी,सतीश चन्द्र त्रिपाठी, रियाज़ मनिहार, सुदामा प्रसाद, डॉ प्रमोद कुमार, गालिब बिसेन, इश्तियाक चौधरी, बदरे आलम, कन्हैया पाण्डेय, होरी लाल श्रीवास्तव, रियाजउद्दीन राईनी, आसिफ़ रिज़्वी, अमित त्रिपाठी, मुकेश चौबे, संतोष चौधरी, गिरजेश कुमार, संतोष त्रिपाठी, लोकपति ओझा, अश्विनी सिंह सोलंकी, कपिल देव यादव, सौरभ पंछी, डॉ ओमप्रकाश श्रीवास्तव आदि भी उपस्थित रहे।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *