दो चरणों में बनेगा शामली-गोरखपुर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे
सिद्धार्थनगर : शामली-गोरखपुर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 750 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण छह लेन में होगा। भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने पर इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। सिद्धार्थनगर में एक्सप्रेसवे का करीब 62.25 किलोमीटर हिस्सा बनेगा। इसके लिए जिले के 89 गांवों की 553.94 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है।एनएचएआई ने जिले में निर्माण के इस हिस्से को दो भागों में बांटा है। पहले भाग में बांसी तहसील के 20, डुमरियागंज के 28 और इटवा के 15 गांव शामिल हैं। इस हिस्से में किमी 613.400 से 658.564 तक 45.16 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा। इसके लिए 403.9636 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। दूसरे भाग में बांसी तहसील के 26 गांव शामिल हैं। यहां किमी 659.300 से 676.390 तक 17.09 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा और इसके लिए 149.979 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है,दूसरे हिस्से में बांसी के 26 गांव शामिल होंगे।पहले हिस्से में 63 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहीत।जीपीएस के जरिये देखा जा रहा सड़क का एलाइनमेंट।
आपत्तियों के निस्तारण के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया: एनएचएआई की ओर से सात मई को धारा तीन-ए का प्रकाशन किया जा चुका है। इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग, एनएचएआई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 20 जून से 20 अगस्त तक डुमरियागंज तहसील में प्रभावित किसानों के गाटों का भौतिक सत्यापन और संयुक्त पैमाइश पूरी की। अन्य क्षेत्रों में प्रक्रिया जारी है। प्रभावित किसानों से भूमि संबंधी आपत्तियां ली जा रही हैं। गाटा छूटने या अभिलेख में किसी तरह की त्रुटि होने पर उसका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद धारा तीन-डी का प्रकाशन होगा, जिसमें प्रभावित किसानों के नाम, गांव और गाटा संख्या दर्ज होगी। आगे धारा तीन-जी के तहत पुनः संयुक्त सत्यापन कराया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि स्वामियों को मुआवजा देने के लिए अवार्ड घोषित किए जाएंगे। इसके बाद मुआवजे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
प्रभारी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि अनुमान है इसके बनने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से जिले में सड़क संपर्क और परिवहन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।

