Sat. Jul 4th, 2026

नगर पालिका बांसी के सभासद ने सरकारी धन में व्यापक भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता व सूचना छिपाने का लगाया गंभीर आरोप

नगर पालिका बांसी के सभासद ने सरकारी धन में व्यापक भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता व सूचना छिपाने का लगाया गंभीर आरोप

सभासद मंगल प्रसाद चौरसिया ने जिलाधिकारी को शपथ-पत्र सौंपकर स्पेशल TAC जांच कराने की मांग की,विकास कार्यों से संबंधित सरकारी धन में बरती गई वित्तीय अनियमितता

सिद्धार्थनगर। आदर्श नगर पालिका बांसी के सभासद मंगल प्रसाद चौरसिया ने अवगत कराया कि उन्होंने नगर पालिका परिषद बांसी में विकास कार्यों और सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। नगर पालिका परिषद बांसी के सभासद मंगल प्रसाद चौरसिया (पुत्र घनश्याम प्रसाद, निवासी मोहल्ला-शंकरनगर) ने नगर पालिका प्रशासन पर व्यापक भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और सूचनाएं छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। शुक्रवार को सभासद ने सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी को एक नोटरी शपथ-पत्र के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की स्पेशल तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है। हमको नहीं दी गई जानकारी,शपथकर्ता ने साठगांठ का लगाया आरोप।

बांसी में विगत वर्षों में हुए विकास कार्यों, राजकोष के सही उपयोग और पारदर्शिता को परखने के लिए जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत क्रमिक आवेदन किए थे। आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा आज तक उन्हें कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, जो कि अधिनियम की धाराओं का खुला उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और अवर अभियंता (श्रम) की आपसी मिलीभगत से करोड़ों रुपये का व्यापक वित्तीय घपला किया गया है और इसी महाघोटाले को दबाने के लिए जानबूझकर सूचनाएं रोकी जा रही हैं। इन प्रमुख बिंदुओं पर जांच की मांग-सौंपे गए शपथ-पत्र के माध्यम से सभासद ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है, विभिन्न मदों के बजट की जांचरू 20 फरवरी 2023 से 30 जून 2026 तक 15वां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, अवस्थापना विकास, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अंत्येष्टि स्थल योजना और पोखरा सौंदर्यकरण योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त कुल धनराशि व उस पर अर्जित ब्याज की मदवार व माहवार शासकीय अभिलेखों को जब्त कर विशेष जांच की जाए।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र सौंपकर मांग किया है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व स्क्रैप की, सड़क,नाली, इंटरलॉकिंग, पार्क आदि के निर्माण में स्वीकृत निविदा प्रक्रिया तथा पूर्व निर्मित सड़कों को स्क्रैप करने से निकले मलबे की नीलामी व तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति की गहन जांच हो। पोर्टल से खरीद में हेराफेरी जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय की गई फॉगिंग मशीन, डस्टबिन, स्ट्रीट लाइट तथा कार्यालय उपकरणों को बाजार मूल्य से अधिक दामों पर खरीदे जाने का आरोप लगाते हुए इसकी तुलनात्मक जांच की मांग की गई है। आउटसोर्सिंग व संविदा कर्मियों की जांच आउटसोर्सिंग एवं संविदा पर कार्यरत कर्मियों के नाम, मानदेय भुगतान के माध्यम (बैंक खाता), ठेकेदारी फर्म का विवरण और चयन समिति की बैठक के विवरण की जांच हो।सिक्योरिटी मनी का भौतिक सत्यापन टेंडर प्रक्रिया में शामिल ठेकेदारों/फर्मों द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी मनी का अधिकृत बैंक या विभागीय स्तर से भौतिक सत्यापन कराया जाए।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस संपूर्ण अवधि के समस्त वित्तीय अभिलेखों को तत्काल जब्त कर जनपद या शासन स्तर की विशेष विंग से इसकी स्पेशल जांच कराई जाए। साथ ही, धरातल पर हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच व सामग्री का फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाए। उन्होंने मांग की है।सभासद ने मांग किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिशासी अधिकारी, (अवर अभियंता) एवं संबंधित फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए,और वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों से लोक धन की रिकवरी की जाए। इस संबंध में सभासद ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र जांच कमेटी/टी.ए.सी. जनहित में तत्काल गठित करने का आदेश पारित करने का अनुरोध किया है। सोर्स विज्ञप्ति।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *