पराली जलाने पर सख्ती, बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के चली कंबाइन तो होगी सीज
सिद्धार्थनगर से News17 India संवाददाता की रिपोर्ट…
सिद्धार्थनगर। डीएम शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई बैठक में फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल को देखते हुए प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की तैयारी तेज कर दी है। कलक्ट्रेट सभागार मे हुई बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिले में पराली जलाने की एक भी घटना न होने पाए। डीएम ने कहा कि फसल कटाई के दौरान प्रत्येक कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ प्रबंधन प्रणाली, स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक एवं बेलर या अन्य उपयुक्त फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्र का उपयोग अनिवार्य होगा। बिना इनके कंबाइन से कटाई करते पाए जाने पर तत्काल कंबाइन सीज किया जाएगा।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में अफसरों को निर्देश देते डीएम शिवशरणप्पा जीएन:उन्होंने कहा कि कंबाइन मालिक के स्वयं के खर्च पर सुपर स्ट्रॉ प्रबंधन प्रणाली लगवाने के बाद ही उसे छोड़ा जाएगा। उन्होंने किसानों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के तहत पराली जलाना दंडनीय अपराध होने की जानकारी देने के निर्देश दिए। दो एकड़ से कम भूमि पर प्रति घटना पांच हजार, दो से पांच एकड़ तक 10 हजार और पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 30 हजार रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूल की जाएगी।

