प्रदेश अध्यक्ष प्रधान संगठन कौशल किशोर पांडे ने मुख्यमंत्री उ0प्र0 को लिखा पत्र
ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले का ग्राम प्रधान संगठन ने किया समर्थन
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय को जनहित में बताया ऐतिहासिक
लखनऊ: प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को पत्र लिखकर उन पर भरोसा जताया है कि सरकार के द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने के संबंध में सर्वोच्च सर्वथा उचित जनहित कारी निर्णय को बनाये रखने के लिये आवश्यक कदम उठाने हेतु ग्राम प्रधान संगठन आपका समर्थन करता है। प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि ग्राम प्रधान संगठन सरकार के साथ था,साथ है,और रहेगा। संगठन सरकार की नीतियों पर विश्वास व्यक्त करता है,और आगे भी करता रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने कहा कि ग्राम पंचायतों का चुनाव बढ़ना कोई बड़ी बात नहीं है,कई वार चुनाव बढ़े हैं,मेरी याददाश्त में साल 1970- 80 के दशक में पूरे पांच साल ग्राम प्रधान अपने पद पर बने रहे थे। और भी कई बार ग्राम पंचायतों के चुनाव वढ़े है।लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा पहली बार सबसे उचित तथा जनहितकारी निर्णय निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सारा देश इलाहाबाद उच्च न्यायालय का सम्मान करता है। किसी भी देश में न्यायालय सर्वपिरि होता है। सभी उनका सम्मान करते हैं। लेकिन जो भी है सब जनता के लिये है,जनहित के लिये है। जनहित सर्वपिरि है,समाज के अन्तिम व्यक्ति का हित सर्वोपरि है। नियम कानून, धारायें, उप धाराये आदि जो भी है आम जनता के लिये है। देश व समाज के अंतिम व्यक्ति के लिये है। जनता के लिये कानून बनाये गये है। कानून के लिये जनता नही बनी है। देश में जो भी बना है या बनाया गया है, देश के नागरिकों के लिये बनाया गया है। सरकार भी जनहित में सर्वपिरि है, उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव पूरी तैयारी के साथ होना चाहिये ।उन्होंने प्रदेश सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिये,इत्मीनान के साथ होना चाहिये। आनन-फानन में जल्दबाजी के साथ चुनाव कतई नहीं होना चाहिये,फिर समय चाहे भी जितना लग जाये ।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ग्राम पंचायतों के चुनाव बढ़ने की दशा में निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाना जनहित में लिया गया सर्वथा उचित निर्णय है। इससे अच्छा निर्णय दूसरा हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि अभी भीषण गर्मी पड़ रही है। पेयजल व्यवस्था साफ-सफाई, फिर वरसात की तैयारी, बीमारियों के फैलने आदि से लेकर ग्राम पंचायतों की व्यवस्था केवल निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक ही कर सकते है। एक-एक ब्लाक मे 1990-95 इससे भी अधिक ग्रामसभाएं होती थी। बीहड्रॉचल में सुदूर ग्रामीण अंचल में समाज के अतिम् समाज के सबसे पिछली पंक्ति में खड़े ग्रामीण व्यक्ति को विना प्रशासक निर्वतमान ग्राम प्रधान के कौन संभालेगा कोई भी अधिकारी क्या एक साथ पूरे ब्लाक की सभी पंचायतें सभाल सकेगे ? कदाचित नही ।
प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से आग्रह पूर्वक निवेदन किया कि संगठन द्वारा किये लम्बे समय के अनुरोध तथा लखनऊ को 22 अप्रैल की बैठक में किये गये आग्रह को स्वीकार कर जनहित में आपने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का महान तथा सर्वथा उचित निर्णय लिया है। इसके लिये प्रधान संगठन प्रदेश की लोकप्रिय सरकार की सराहना करता है तथा सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता है। प्रदेश सरकार द्वारा जनहित के लिये नागरिकों के हित के लिये तमाम बार संशोधन किये गये है। और भी हो सकते है,तथा आवश्यकता पड़ने पर जनहित मे तमाम एक्ट, अधिनियम, नियम, उपनियम, धाराये तथा उपधाराये आदि भी संशोधित किये जा सकते है,बदले भी जा सकते है।ये सब जनहित के लिये बनाये गये थे,तथा जन हित में बदले भी जा सकते है, उच्चन्यायालय हमारे देश में न्याय पाने की सबसे अच्छी व्यवस्था है। सत्र न्यायालय, एकलबेंच, डवल बेंच,मा0 सर्वोच्च न्यायालय आदि तमाम विकल्प हैं,ऐसी स्थिति में जनहित में इन सबके पास जाना बहुत ही उचित है,लोकप्रिय सरकारें जाती भी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वर्तमान में निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक बनाने का आपका निर्णय 100% सही है। वहुत ही सराहनीय निर्णय है। संगठन बार-बार आपकी सराहना करता है,इस निर्णय को जैसे भी थे बनाये रखने कष्ट करे। सरकार के द्वारा कृपा-पूर्ण कार्यवाही से संगठन को भी अवगत कराने का कष्ट करने की कृपा करें।
सादर: कौशल किशोर पाडेय,प्रदेश अध्यक्ष,ग्राम प्रधान संगठन। उत्तर प्रदेश
मोबाइल नंबर- 8126397410
दिनांक-29/06/2026

