यूपी में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन न देने वाले संस्थानों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई-सहायक श्रमायुक्त
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी नए शासनादेश के क्रम में जिले के श्रमिकों के लिए संशोधित न्यूनतम वेतन मान निर्धारित-सहायक श्रमायुक्त
सिद्धार्थनगरः उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी नए शासनादेश के क्रम में जिले के श्रमिकों के लिए संशोधित न्यूनतम वेतन मान निर्धारित कर दिया गया है। सहायक श्रमायुक्त (ए0एल0सी0) ओम प्रकाश ने विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाली और तय न्यूनतम वेतन न देने वाली इकाइयों व संस्थाओं के खिलाफ जांच कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अकुशल श्रमिकों के लिए 12,356 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 13,590 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 15,224 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन निर्धारित किया गया है। जिले में संचालित सभी राइस मिल, ईंट भट्ठे, कंपनियां, ट्रांसपोर्टर, गैस एजेंसियां, पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल और स्वयंसेवी संस्थाओं को इसका अक्षरसः पालन करना अनिवार्य होगा।
सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि कि चाहे श्रमिक सेवायोजक के मस्टर रोल पर हो, संविदा पर हो या दैनिक वेतन भोगी हो, उसे यह वेतन मिलना ही चाहिए। इसके अलावा सप्ताह में केवल 48 घंटे कार्य लेने का प्रावधान है, उससे अधिक कार्य लेने पर हर घंटे के लिए निर्धारित दर से दोगुना ओवरटाइम भुगतान करना होगा और पे-स्लिप भी देनी होगी। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमित जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

