12 दिसंबर को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर हुई प्री-ट्रायल बैठक, अधिक से अधिक मामलों के निस्तारित करने पर जोर
निज संवाददाता, सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नई दिल्ली) एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (लखनऊ) के दिशा-निदेशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर के कार्यालय में आगामी 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भव्य सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्री-ट्रायल बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव-तृतीय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जनपद न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि लोक अदालत में केवल उन्हीं वादों को शामिल किया जाए जिनमें आपसी समझौते की प्रबल संभावना हो। सभी न्यायिक अधिकारियों से अपने न्यायालयों में अधिक से अधिक लंबित मामलों की सूची तैयार कर उनके चयन व निस्तारण पर जोर देने को कहा गया। बैठक में विशेष रूप से चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, एम.वी. एक्ट (यातायात), बैंक ऋण वसूली, विद्युत बिल विवाद, श्रम संबंधी मामले और अन्य सिविल प्रकृति के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की बात कही गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी बीरेन्द्र कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को निर्देशित किया कि पैरालीगल वालंटियर्स के माध्यम से जिला मुख्यालय, तहसीलों, कलेक्ट्रेट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पतालों, हाट-बाजारों और बैंकों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम जनता तक इसकी जानकारी पहुंच सके और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित न्यायिक अधिकारियों ने अपने विचार साझा करते हुए आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक वादों का त्वरित निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। बैठक में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 मोहम्मद रफी, नोडल अधिकारी/अपर जनपद न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) बीरेन्द्र कुमार, विशेष न्यायाधीश (एस०सी०/एस०टी० एक्ट) त्रिभुवन नाथ, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/एफ०टी०सी० मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेन्द्र नाथ सहित अन्य सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।

